उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से अमर उजाला के संवाददाता अनिल श्रीवास्तव ने बातचीत की। जिसमें उन्होने ने प्रदेश में प्रमुख प्रतिद्वंदी भाजपा के बारे के बढ़त लेने की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया और अपने विकास कार्यक्रमों की चर्चा की।
अखिलेश यादव शनिवार को आगरा में दो चुनावी सभाएं संबोधित करने निकले थे। उन्हें पहले विमान से अमौसी से सैफई और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिये आगरा पहुंचना था।
10.40 बजे जैसे ही एयरक्राफ्ट टेकऑफ के लिए तैयार हुआ तो एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने पायलट को सैफई और आगरा में मौसम खराब होने की सूचना दी। अखिलेश बोले- थोड़ा इंतजार कर लो।
मौसम साफ हो जाए तब चलेंगे। विमान में थोड़ी देर रुकने के बाद वह एयरपोर्ट के राजकीय अतिथि गृह में मौसम साफ होने का इंतजार करने लगे। वह नेताजी और डिंपल यादव को लेकर भी फिक्रमंद नजर जाए जो खराब मौसम में भी प्रचार अभियान का सिलसिला जारी रखे हुए थे।
विकास कार्यक्रम बताएं
एयरक्राफ्ट पर बैठते ही उन्होंने फोन पर अपने प्रमुख सचिव को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे परियोजना को आगे बढ़ाने को लेकर निर्देश दिए। सुरक्षा अधिकारी ने उन्हें कानपुर देहात व कन्नौज में भी मौसम खराब होने की सूचना दी।
अकबरपुर में मुलायम सिंह यादव की सभा थी जबकि कन्नौज में उनकी पत्नी डिंपल यादव का रोड शो। सुरक्षा अधिकारियों से वह बार-बार नेताजी की लोकेशन पता करते रहे तो बीच-बीच में कन्नौज के रोड शो की रिपोर्ट भी।
इस बीच लखनऊ में भी बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं। पायलट ने रास्ते का मौसम भी खराब होने की जानकारी दी। करीब पौने एक बजे मुख्यमंत्री ने आगरा जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया।
जलेसर और एत्मादपुर में सभाओं के आयोजकों को पार्टी के वरिष्ठ नेता सी.पी. राय के जरिये इसकी सूचना भी दे दी जो मुख्यमंत्री के साथ आगरा जा रहे थे। खराब मौसम से शिड्यूल गड़बड़ाने पर अखिलेश बोले - विंड का झटका न लगे इसीलिए तो आगरा तक एक्सप्रेस-वे बना रहे हैं। इसके बाद रास्ता आसान हो जाएगा आगरा का।
होर्डिंग्स के जरिये भाजपा पर हमला
अखिलेश ने तूफान से उड़े भाजपा के होर्डिंग की तरफ इशारा करते हुए कहा कि देखिए इतने थपेड़ों के बाद भी हमारा होर्डिंग मजबूती से खड़ा है। ये (भाजपा की होर्डिंग्स) तो उड़ ही गए।
नेताजी (मुलायम सिंह यादव) व समाजवादी पार्टी ने न जाने कितने तूफान देखे हैं और उनका मुकाबला भी किया है। हम संघर्ष करके परिवर्तन लाए हैं।
अभी थोड़े दिन पहले ही एक तानाशाह को हटाया है। इनकी (भाजपा) हवा को टक्कर देने और ‘वेव’ को लौटाने का काम भी सपा ही करेगी। ये (नरेंद्र मोदी और भाजपा) हमारा क्या मुकाबला करेंगे? पहले रैलियों और उपलब्धियों में पछाड़ा, अब चुनाव में पछाड़ेंगे।
भाजपा पीआर एजेंसी के भरोसे
अखिलेश्ा ने कहा कि भाजपा के लोग अपनी कमियां छिपाने के लिए पीआर एजेंसी का इस्तेमाल साबुन की तरह कर रहे हैं। सच तो यह है कि यूपी का गुजरात से कोई मुकाबला ही नहीं है।
जितना काम हमारी सरकार ने किया और सभी के लिए जितनी योजनाएं शुरू की गईं उसके आगे गुजरात कहीं नहीं ठहरता।
बाकी चीजें छोड़ केवल यही बता दें कि क्या गुजरात में हमारे कानपुर जैसा कोई अत्याधुनिक पुलिस कंट्रोल रूम है?
अखिलेश को तांगे वालों की भी फिक्र
काफिला थोड़ा और आगे बढ़ा तो अपनी योजनाएं गिनाते हुए अखिलेश ने कहा कि मुफ्त रिक्शा दे रहे हैं। तांगा वालों के लिए भी कोई स्कीम लाएंगे।
बाराबिरवा चौराहे के पास काफिला जाम में फंसा तो फ्लाईओवर का जिक्र चल पड़ा। बोले-सबसे पहले यही फ्लाईओवर स्वीकृत किया था।
मेट्रो आ रही है इसलिए वापस ले लिया। बीच-बीच में वह सड़क के किनारे खड़े लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन भी करते जा रहे थे।
गिनाई साइकिल की खूबी
रास्ते में अखिलेश की निगाह सड़क के किनारे छोटी सी साइकिल पर बैठे बच्चे पर पड़ी तो बोले-बड़े काम की है साइकिल। बच्चों के लिए खेल है।
हमारा गाना है- जवानों की साइकिल, किसानों की साइकिल, हर नौजवान लड़के-लड़की की साइकिल। कितना काम लेते हैं साइकिल से। चुनाव में साइकिल ही रंग दिखाएगी।
वापसी के वक्त काफिला कांशीराम इको गार्डेन के बगल से गुजरने लगा तो अखिलेश बोले- पिछली सरकार ने खजूर के पेड़ लगवाए थे। सब सूख गए। हमने वाशिंगटोनिया के पेड़ लगवाए हैं और भी अच्छे पेड़ लगवाएंगे।
ज्यादा नुकसान किसानों को
अखिलेश ने कहा कि हम चाहते हैं कि लोगों को छाया मिले। काफिला और आगे बढ़ा तो उन्होंने एक-एक करके 50-60 खजूर के सूखे पेड़ गिन डाले। बोले- 7000 करोड़ खर्च हुआ।
10-10 हजार के एक पेड़ लगवाए थे पिछली सरकार ने। सब सूख गए। फिर बोले- बाहर ही नहीं अंदर भी 1000 पेड़ लगवाए हैं।
अखिलेश बोले क्लाइमेट बिगड़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान किसानों और गरीबों को हो रहा है।
भाजपा को नहीं मिलेगा फायदा
एयरपोर्ट से अपने सरकारी अवास तक लगभग 20 मिनट के सफर में अखिलेश अपनी सरकार की उपलब्धियों, योजनाओं और पार्टी की विचारधारा का जिक्र करते रहे।
गाड़ी के अंदर से उनके हाथ हिलाने पर भीड़ का रिस्पांस उनमें जोश भर देता है। कहते हैं यही है हमारी ताकत। लीडर और जनता का ‘आई-कनेक्शन’ दोनों को उनकी ताकत का अहसास कराता है।
जनता इसलिए नारे लगाती है कि उसे अपनी पावर सामने दिखाई देती है और नेता को अपनी ताकत जमीन पर।
ग्राफ के हिसाब से तो यूपी में नीचे है भाजपा
चुनाव में लहर पक्ष में होने के भाजपा दावे पर अखिलेश राइटिंग पैड पर लहरों का ग्राफ खींचते हुए समझाते हैं कि साइंस के मुताबिक ऊपर-नीचे होती तरंगों को ‘वेव’ कहा जाता है।
ली मोदी की चुटकी
अखिलेश ने कहा कि गुजरात यूपी और एमपी की तरंगों का ग्राफ देखें तो यूपी में भाजपा नीचे की तरफ है। मोदी की चुटकी लेते हुए कहा कि उनकी हिस्ट्री व जियोग्राफी का ज्ञान पूरा देश जान चुका है।
अब लहर का शिगूफा छोड़कर चुनावी फायदा उठाने में जुटे हैं। नरेंद्र मोदी के इटावा दौरे का जिक्र चला तो अखिलेश ने कहा कि इतनी दूर से आए थे तो अपने शेरों का भी हालचाल लेना था उन्हें।
शेर-शेर करते रहते हैं और अपने शेरों को ही भूल गए। कैसे लोग हैं? बगल में था जाकर देखते कि हम उनके शेरों को चिकन खिला रहे हैं। हमने उनके शेरों के लिए बड़ा पिंजरा (लॉयन सफारी) बनवाया है। कम से कम देखकर तसल्ली तो कर लेते कि उनके शेर सुरक्षित हैं या नहीं।
(ये बातें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत के दौरान कहीं।)