अंतर्राष्ट्रीय लेवल क्रासिंग अवेयरनेस डे के अवसर पर मंगलवार को इंडियन रेलवेज इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट की ओर से जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ इंस्टीट्यूट की निदेशक आशिमा सिंह व रेलवे बोर्ड के सेफ्टी एडवाइजर संजीव गर्ग ने दीप प्रज्जवलन से हुआ।
इस मौके पर विशेषज्ञों ने मानवयुक्त व मानवरहित रेलवे क्रासिंग से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
रेलवे बोर्ड (सेफ्टी) से जुड़ी विजय लक्ष्मी ने ईस्ट कोस्ट रेलवे में मानवयुक्त रेलवे क्रासिंग पर की गई केस स्टडी को विशेषज्ञों के सामने रखा।
आलोक कुमार ने इंटरनेशनल लेवल क्रॉसिंग अवेयरनेस डे पर भारतीय रेलवे के नेटवर्क में शामिल रेलवे क्रॉसिंग के बारे जानकारी दी।
वहीं, डायरेक्टर सेफ्टी रेलवे बोर्ड पी श्रीनिवास ने साउथ वेस्टर्न रेलवे में मानवयुक्त क्रॉसिंग पर की गई रिसर्च को रखा।
इसके साथ उन्होंने बताया कि इन रेलवे क्रासिंग पर होने वाली दुर्घटनाएं मानव द्वारा पैदा की गईं हैं और सभी दुर्घटनाएं थ्री-ई यानी एजुकेशन, इंजीनियरिंग व इनफोर्समेंट से दूर की जा सकती हैं।
कार्यशाला में डीआरएम एनआर जे रॉय, आईआईएम लखनऊ के पूर्व डीन प्रो. एस चक्रवर्ती व रॉयटर संवाददाता शरद प्रधान समेत तमाम रेलवे बोर्ड के सदस्य व अधिकारी मौजूद थे।