लखनऊ। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर शनिवार को केजीएमयू में एमबीबीएस और बीडीएस के इंटर्न डॉक्टर भूख हड़ताल पर बैठ गए। मौजूदा 12 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग की। प्रदर्शन में केजीएमयू के अलावा लोहिया संस्थान, गोरखपुर, मेरठ समेत प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर शामिल हुए। प्रदर्शन के कारण केजीएमयू परिसर में काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण रहा। मुख्य गेट पर पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया।
इंटर्न डॉक्टरों का कहना था कि एमबीबीएस और बीडीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद अस्पताल में इंटर्नशिप के दौरान उन्हें मरीजों का इलाज करना पड़ता है। ओपीडी से लेकर वार्ड और इमरजेंसी तक उन्हें लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। इसके बावजूद मिलने वाला स्टाइपेंड अन्य राज्यों और संस्थानों की तुलना में बेहद कम है। प्रदर्शन में केजीएमयू की मेधावी इंटर्न दीप्ति शर्मा भी शामिल रहीं। दीप्ति शर्मा ने दीक्षांत समारोह में चांसलर और हीवेट समेत 19 पदक हासिल किए थे। प्रदर्शन की वजह से अस्पताल की नियमित व्यवस्थाओं और कामकाज पर भी असर पड़ा। डॉक्टरों ने कहा कि मांग पूरी होने तक वह भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे।
इंटर्न डॉक्टरों की प्रमुख मांगें
- उत्तर प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का मासिक स्टाइपेंड 12,000 से बढ़ाकर 30,000 किया जाए।
- स्टाइपेंड बढ़ाने के संबंध में लिखित सरकारी आदेश/अधिसूचना जारी की जाए।
- पिछले वर्षों में दिए गए आश्वासनों पर ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
- इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधियों के साथ शासन स्तर पर तत्काल वार्ता की जाए।
- पड़ोसी राज्यों में दिए जा रहे स्टाइपेंड के अनुरूप उत्तर प्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी उचित वृद्धि की जाए।
प्रदर्शन करते इंटर्न।
प्रदर्शन करते इंटर्न।