अखिलेश सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना आईटी सिटी को धरातल पर उतारने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए सोमवार को यहां कंप्यूटर क्षेत्र में अग्रणी कंपनी एचसीएल को लेटर ऑफ इंटेंट (आशय पत्र) जारी कर दिया।
इसके साथ ही चक गंजरिया में 100 एकड़ क्षेत्रफल में आईटी सिटी का काम शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और एचसीएल के अध्यक्ष शिव नादर की मौजूदगी में आशय पत्र सौंपने की औपचारिकता पूरी होने के बाद दावा किया गया कि आईटी सिटी विकसित होते ही कम से कम 25 हजार युवाओं को सीधे रोजगार मिलेगा।
वहीं 50 हजार से ज्यादा लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। साथ ही यहां खुलने वाले ट्रेनिंग सेंटर के जरिये भी बड़ी संख्या में युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा जिससे उन्हें रोजगार मिलने में आसानी होगी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली और उसके आसपास ही दिखाई देने वाली तरक्की अब लखनऊ में भी दिखेगी।
आईटी सिटी बनने से लोगों को नौकरी के तमाम अवसर मिलेंगे। विडंबना यह है कि जब सरकार कोई काम शुरू करती है तो लोग कहने लगते हैं कि यह काम पूरा नहीं होगा।
लैपटॉप वितरण योजना को लेकर भी इसी तरह की बातें की गई थीं लेकिन यह योजना न सिर्फ सफल हुई बल्कि दूसरे राज्यों के मुकाबले यूपी काफी आगे हो गया है।
अखिलेश ने कहा कि वे चाहते हैं कि आईटी सिटी जल्दी बने और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में यूपी अग्रणी भूमिका निभाए। तकनीकी क्षेत्र में बदलाव बहुत तेजी से हो रहा है।
आगे बढ़ने के लिए उस बदलाव को समय रहते पकड़ना होगा। मुख्यमंत्री ने शिव नादर फाउंडेशन के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए खास तौर पर बुलंदशहर और सीतापुर में चल रहे विद्या ज्ञान स्कूलों की चर्चा की।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने कहा कि एचसीएल 10 वर्षों में आईटी सिटी में 1500 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।
तीन साल में इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। शुरुआती दौर में ट्रेनिंग सेंटर में 1000 युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। परियोजना के पूरा होने तक 5000 युवा ट्रेनिंग प्राप्त कर सकेंगे।
ट्रेनिंग प्राप्त करने वाले प्रदेश के युवाओं को राज्य सरकार की ओर से मासिक प्रशिक्षण शुल्क का आधा या 5000 रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
शिव नादर ने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि जल्द से जल्द आईटी सिटी विकसित हो जाए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से यूपी के लोगों को ज्यादा फायदा होगा।
स्थानीय लोगों को ज्यादा रोजगार मिलेगा। इससे पहले एचसीएल के मानव संसाधन प्रमुख वीके श्रीवास्तव ने कंपनी के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया।
एचसीएल के साथ शुरू हुए अपट्रॉन का पता नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के उपक्रम अपट्रॉन व एचसीएल ने प्रदेश में एक साथ काम शुरू किया था।
एचसीएल जहां इस मुकाम तक पहुंच गया, वहीं अपट्रॉन पता नहीं कहां चला गया। बिल्डिंग तक बिक गई। बिल्डिंग बिक्री का मामला भी कोर्ट में है। इसकी छानबीन चल रही है, देखो क्या होता है।
यूपी शांतिप्रिय प्रदेश!
एचसीएल के अध्यक्ष शिव नादर ने यूपी को शांतिप्रिय प्रदेश बताते हुए कहा कि उन्हें कभी यहां असुरक्षा का अहसास नहीं हुआ।
पत्रकारों द्वारा कानून-व्यवस्था को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कभी-कभी चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर भी पेश किया जाता है।
घटनाएं तो हर जगह कुछ न कुछ होती हैं। लखनऊ में भी वे अक्सर घूमते रहते हैं और खुद को सुरक्षित ही महसूस करते हैं।
नादर से हुए इस सवाल का जवाब मुख्यमंत्री भी देना चाहते थे लेकिन नादर की ओर से कानून-व्यवस्था पर सर्टिफिकेट मिलने के बाद वे कुछ नहीं बोले।