उधर, यूपी गेट पर शांतिपूर्ण चल रहे किसान आंदोलन में उपद्रवी शामिल न हो, इसके लिए प्रशासन अलर्ट है। खुफिया विभाग, क्राइम ब्रांच, एसओजी और सादी वर्दी में पुलिसकर्मी लगातार निगरानी में लगे हुए हैं। बाडी वार्मर कैमरा, ड्रोन और सीसीटीवी से धरनास्थल का जायजा लिया जा रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी धरनास्थल पर डेरा डाले हुए हैं। आईजी मेरठ प्रवीण कुमार खुद ही इसकी मानीटरिंग कर रहे हैं। किसान भी पुलिस का सहयोग कर रहे हैं।
शुक्रवार शाम करीब पौने पांच बजे आईजी प्रवीण कुमार यूपी गेट पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने धरनास्थल पर खुफिया विभाग को अलर्ट किया हुआ है। खुफिया विभाग के कर्मचारी किसानों के बीच में रहकर पल पल की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही पुलिस ने क्राइम ब्रांच की टीम, एसओजी और सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों को तैनात किया हुआ है। वह किसानों के बीच घूमने वाले असामाजिक तत्वों पर नजर रख रहे हैं। वहीं ड्रोन, सीसीसीटीवी कैमरे और बॉडी वॉर्मर कैमरे से भी निगरानी की जा रही है। आईजी मेरठ जोन प्रवीण कुमार खुद इसकी मानीटरिंग कर रहे हैं। इसके लिए वह पुलिस के आलाधिकारियों से इसकी जानकारी ले रहे हैं।
किसान भी कर रहे हैं पुलिस की मदद
किसान आंदोलन के बीच कोई उपद्रवी घुसकर माहौल न खराब करे, इसके लिए किसानों ने अपने वालंटियर लगाए हुए हैं। किसान पुलिस का पूरा समर्थन कर रहे हैं। वह लगातार अपने किसानों से शांतिपूर्ण आंदोलन करने की अपील कर रहे हैं। इसके लिए राकेश टिकैत ने भी किसानों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर अपनी मांगें मनवाने की अपील की है। किसानों ने पूर्व में दो जेबकतरों को भी पकड़कर पुलिस को सौंपा था।
मुस्तैद रहे पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी
किसानों की संख्या को देखते हुए एतिहातन पुलिस बल तैनात किया गया है। एक कंपनी आरआरएफ, दो कंपनी पीएसी, कई थानों का फोर्स लगाया गया है। इसके साथ ही एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह, एसडीएम डीपी सिंह, विनय सिंह, एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह, अभिषेक वर्मा, रामानंद कुशवाहा, सीओ इंदिरापुरम अंशु जैन, सीएफओ सुनील सिंह, मुस्तैद रहे। डीएम अजय शंकर पांडेय और एसएसपी कलानिधि नैथानी ने भी निरीक्षण कर जायजा लिया।
किसानों आंदोलन का माहौल कोई उपद्रवी या असामाजिक तत्व खराब न करे, इसके लिए विशेष निगरानी की जा रही है। किसानों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात है। किसानों से अपील है कि वह किसी भी अराजक तत्वों को अपने बीच न आने दें। एडीजी, आईजी और एसएसपी खुद इसकी मानीटरिंग कर रहे हैं।
- ज्ञानेंद्र सिंह, एसपी सिटी