लखनऊ की हवा दमघोंटू हो चुकी है। लगातार दूसरे दिन शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के ऊपर रिकॉर्ड किया गया। 24 घंटे पहले एक्यूआई 420 था और शुक्रवार को यह बढ़कर 441 पहुंच गया। लखनऊ देश में दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। जबकि कानपुर पहले नंबर पर।
यूपीपीसीबी के अफसरों का कहना है कि कोहरा बढ़ने सेे धूल व धुएं के कण स्थिर हो गए हैं। हवा नहीं चलने और तापमान कम होने से भी प्रदूषण घट नहीं हो रहा है। अब कोशिश है कि धूल व धुएं के कणों को हवा में घुलने से रोका जाए।
इसके लिए कूड़ा जलाने, मिट्टी खुले में छोड़ने, बिल्डिंग मैटेरियल को बिना ढंके रखने जैसे कामों को रुकवाया जा रहा है। इसके लिए सख्ती के साथ तुरंत नोटिस देकर जुर्माने की कार्रवाई में तेजी लाई जा रही है।