बहराइच में नरेंद्र मोदी के आठ नवंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनजर रैली स्थल पर अभी से पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है।
इसके अलावा राज्य की खुफिया एजेंसियों के साथ ही केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सदस्यों ने भी यहां डेरा डाल दिया है।
मोदी की रैली को लेकर खुफिया एजेंसियों द्वारा आतंकी हमले का खतरा जताने और पिछले दिनों कुछ आतंकियों की धरपकड़ के बाद उनसे पूछताछ में सामने आए तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए अधिकारी अतिरिक्त चौकसी बरत रहे हैं।
इसके लिए पिछले दिनों कई बार आला अफसरों की बैठकें भी हो चुकी हैं। गुजरात पुलिस के साथ ही वहां की एटीस व खुफिया एजेंसी के सदस्य भी बहराइच पहुंच चुके हैं।
गुजरात पुलिस के सदस्य यूपी पुलिस के अधिकारियों से सामंजस्य बनाकर सुरक्षा प्रबंधों को सुनिश्चित कर रहे हैं।
इसी क्रम में यह फैसला हुआ कि ऐसी रैलियों या राजनीतिक कार्यक्रमों में आयोजन स्थल पर सुरक्षाबलों को कार्यक्रम से तीन-चार दिन पहले ही काबिज करा दिया जाए।
यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि इस दौरान कोई आतंकी संगठन कार्यक्रम स्थल पर किसी तरह का विस्फोटक न छिपा सके और न ही कोई अन्य गतिविधि की जा सके।
तीन-चार दिन पहले ही मौके पर पहुंचने के बाद सुरक्षा बलों द्वारा एंटी सबोटाज, एंटी माइन चेकिंग करने के साथ ही बम डिस्पोजल स्क्वायड से बारीक जांच की कवायद जारी रहेगी।
यह कवायद रैली के पहले तक होती रहेगी। इस दौरान पुलिस और राज्य की खुफिया एज़ेंसियों के सदस्य सादे वस्त्रों में संबंधित जिले में फैल कर सक्रिय रहेंगे ताकि किसी षड्यंत्र की पहले से ही जानकारी की जा सके।
जीआरपी को रेलवे स्टेशन पर सतर्क रहने को कहा गया है तो पुलिस को रेलवे स्टेशन के बाहर सघन जांच करने के निर्देश हैं। पुलिस इसके साथ ही बस अड्डे, टैक्सी स्टैंड व राजमार्गों से होने वाले आवागमन पर नजर रखेगी।