साइकिल की सवारी को बढ़ावा देने में जुटी प्रदेश सरकार ने इसे सुरक्षित यात्रा में बदलने की भी पहल कर दी है। सरकार साइकिल यात्रियों का बीमा कराने पर विचार कर रही है। राजस्व परिषद से इस संबंध में प्रस्ताव मांगा गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में साइकिल यातायात को बढ़ावा देने का ऐलान किया है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने लखनऊ, आगरा व नोएडा को साइकिल फ्रेंडली सिटी के रूप में विकसित करने की मुख्यमंत्री की पहल को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश भर में साइकिल यातायात को बढ़ावा देने का फरमान जारी कर दिया है।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों व अन्य अफसरों को साइकिल ट्रैक चिह्नित कर बताने को निर्देशित किया है। यह काम जिलों में तेजी से चल रहा है।
साथ ही आम लोग कार्यालय व आसपास के चौराहे व बाजार जैसे सामान्य आवागमन में किस तरह उत्साहित होकर साइकिल का प्रयोग करें, इस ओर भी ध्यान दिया गया है। ट्रैक चयन की पूरी गाइडलाइन जारी कर दी गई है।
एक तीर से कई निशाने साधेगी सरकार
राजस्व विभाग ने राजस्व परिषद से साइकिल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बीमा कराने पर राय मांगी है। इस संबंध में विचार-विमर्श कर प्रस्ताव देने को कहा गया है। राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव आलोक कुमार ने कार्रवाई शुरू करवा दी है।
बताते चलें कि राजस्व विभाग के पास किसानों के लिए बीमा योजना चलाने का अनुभव है। वह साइकिल यात्रियों की बीमा प्रक्रिया तय कर सरकार को बताएगा।
वहीं, साइकिल को बढ़ावा देने में जुटी सरकार एक तीर से कई निशाने साध सकती है। राजनीतिक विश्लेषक इसका सियासी पहलू भी देखते हैं। उनका मानना है कि सत्ताधारी दल का चुनाव चिह्न साइकिल है। इसलिए सरकार इसके जरिये अपने चुनाव चिह्न को आम आदमी तक पहुंचा सकती है।
सरकार प्रदेश में बढ़ते प्रदूषण व सड़कों पर बड़ी संख्या में यातायात का दबाव कम करने की बात भी कह रही है। इससे वह आमजन के स्वास्थ्य की बेहतरी का संदेश दे रही है। मगर, सपा ने जिस तेजी से इस योजना पर फोकस किया है, उससे साफ है कि वह विधानसभा चुनाव के पहले साइकिल को घर-घर पहुंचाना चाहती है।
जल्दी ही तैयार कर ली जाएगी योजना
इस पर प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा का कहना है कि ‘मुख्यमंत्री जी के यहां से साइकिल चालकों के लिए बीमा योजना बनाने को कहा गया है। राजस्व परिषद से इस संबंध में प्रस्ताव मांगा गया है। जल्दी ही योजना तैयार कर ली जाएगी। जिस तरह नगर निगम रिक्शा चालकों का बीमा कराता है, उसी तरह साइकिल चालकों के लिए बीमा की योजना तैयार की जाएगी।’