फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सात साल से क्लेम के लिए दौड़ा रही थी बीमा कंपनी, हाईकोर्ट सख्त, अब मिलेगा न्याय

Sat, 20 Jul 2019 08:40 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
Lucknow High Court
विज्ञापन
लगभग सात साल पहले दुर्घटना में मरे रोडवेज कर्मी की पत्नी को बीमा राशि के लिए आज भी चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए बीमा कंपनी के महाप्रबंधक को तलब कर लिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि भुगतान व तलबी के आदेश की अनदेखी की गई तो बीमा कंपनी को 50 हजार रुपये जुर्माना भुगतना होगा। जुर्माने की यह रकम याची को देय होगी। 
विज्ञापन


न्यायमूर्ति अजय लांबा व न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जौहरी की पीठ ने यह आदेश शीला सिंह की याचिका पर दिया। याचिका में कहा गया कि 20 सितंबर 2012 को रोडवेज में काम करने वाले उसके पति बृजभान सिंह की दुर्घटना में मौत हो गई थी। याची ने तभी अपने पति की बीमा राशि के दावे के लिए आवेदन कर दिया था, पर संबंधित कर्मचारी ने इसे आगे नहीं भेजा। मामला परिवहन निगम व बीमा कंपनी के बीच लटके होने की वजह से याची को आज तक बीमा राशि का भुगतान नहीं हो सका। 

इस मामले में कोर्ट ने पूर्व में बीमा कंपनी को नोटिस जारी किया था, लेकिन सुनवाई के समय कंपनी की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ। इससे नाराज हाईकोर्ट ने अब बीमा कंपनी के महाप्रबंधक को सुनवाई की अगली तिथि 22 जुलाई को तलब कर लिया है। साथ ही कहा है कि निगम व कंपनी के बीच मामला फंसे होने की वजह से याची का भुगतान लंबित नहीं रखा जा सकता।  
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें