लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल में भर्ती महिला मरीज को इलाज देने के बजाय डॉक्टर इधर-उधर दौड़ाते रहे। परिजनों का आरोप है कि गलत जांच रिपोर्ट बनाकर पहले उसे डफरिन अस्पताल रेफर किया गया, मगर वहां से लौटा दिया गया। जब मरीज के पति ने शिकायत की तो डॉक्टर ने गुस्से में आकर जबरन डिस्चार्ज कर दिया।
पीजीआई वृंदावन निवासी मृत्युंजय मिश्रा की पत्नी हिमांशी (25) को सोमवार सुबह उल्टी और पेट दर्द की शिकायत पर इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें एसएसबी ब्लॉक शिफ्ट किया गया, लेकिन छह घंटे तक कोई डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आया। नर्स ही इलाज करती रही। दोपहर बाद डॉक्टर पहुंचे और अल्ट्रासाउंड समेत अन्य जांचें लिखीं।
मंगलवार को रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर ने गाइनी की समस्या बताकर मरीज को डफरिन अस्पताल भेज दिया। वहां महिला डॉक्टरों ने जांच कर लिवर की समस्या बताई और दोबारा बलरामपुर अस्पताल भेज दिया। इस पर पति ने संबंधित डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया तो डॉक्टर ने नाराज होकर मरीज को डिस्चार्ज कर दिया।
पति ने अस्पताल प्रशासन से शिकायत की है। सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। आरोप सही मिलने पर कार्रवाई होगी।