वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रदेशवासियों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। मौजूदा राज्य सरकार प्रारंभ से ही ऊर्जा सेक्टर के विकास को प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में ऊर्जा विभाग द्वारा बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन तथा वितरण के क्षेत्र में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों का लाभ प्रदेश की जनता को मिल रहा है।
प्रदेश में केंद्र सरकार के सहयोग से व्यापक स्तर पर विद्युतीकरण कराया गया है। साथ ही, अभियान चलाकर जनता को बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। देश की आजादी के बाद आम लोगों को बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में यह अब तक का सबसे बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा विभाग की ओर से बीते तीन वर्षों में बेहतर कार्य संस्कृति अपनाकर किए गए कार्यों से बिजली क्षेत्र की तस्वीर बदली है। वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान भी ऊर्जा विभाग द्वारा प्रदेशवासियों को निरंतर बिजली आपूर्ति की गई। बैठक में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, राज्य मंत्री रमा शंकर सिंह पटेल, मुख्य सचिव आरके तिवारी, केंद्रीय ऊर्जा सचिव संजीव नंदन सहाय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के संयुक्त सचिव मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से बीते तीन वर्षों में 1.21 लाख मजरों का विद्युतीकरण कराया गया है। साथ ही 1.24 करोड़ बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। राज्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहतर हुई है। स्मार्ट मीटर की स्थापना में उत्तर प्रदेश अग्रणी है। राज्य में 40 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित किए जाने हैं। इसमें से 10.3 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
मार्च 2024 तक वितरण लाइन हानियों में होगी कमी : अरविंद कुमार
प्रदेश के अपर मुख्य सचिव ऊर्जा अरविंद कुमार ने बताया कि मार्च 2024 तक वितरण हानियों को कम करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। छापों और वसूली की प्रभावी निगरानी के लिए ऑनलाइन आरएमएस पोर्टल स्थापित किया गया है। शत-प्रतिशत डाउनलोडेड बिलिंग सुनिश्चित करने के लिए बिलिंग एजेंसियों की नियुक्ति की गई है। शत-प्रतिशत फीडर मीटरिंग तथा फीडरों का एनर्जी ऑडिट कराया जा रहा है।