इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने दरोगा भर्ती 2016 के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने पर पूर्व में लगाई गई रोक 15 मई तक बढ़ा दी है। इस मामले में अदालत ने चयनित अभ्यर्थियों को नोटिस भी जारी किया है।
न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने यह आदेश मनीष कुमार यादव समेत अन्य फेल हुए अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर दिया। कोर्ट ने इससे पहले 27 मार्च को नियुक्ति पत्र जारी करने पर 30 मार्च तक रोक लगा दी थी और अगली सुनवाई शनिवार को तय की थी। कोर्ट ने शनिवार को आदेश सुनाते हुए कहा कि यह मामला याची अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत दिए जाने का बनता है।
कोर्ट ने अगली सुनवाई 15 मई को नियत की है। इस बीच राज्य सरकार समेत पक्षकारों को जवाबी हलफनामा दाखिल करने को चार हफ्ते का समय दिया है। इसके बाद दो हफ्ते में प्रति उत्तर दाखिल किया जा सकेगा। हालांकि अदालत ने कहा है कि चयन प्रक्रिया जारी रखी जा सकेगी।
दरोगा के 2400, प्लाटून कमांडर के 210 व अग्निशमन अधिकारी के 97 पदों (कुल 2707 पदों) पर भर्ती की लिखित परीक्षा में लगभग 5 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के नतीजे सामान्यीकरण व परसेंटाइल के आधार पर तय किए गए थे।
याचियों के अधिवक्ता के मुताबिक याची अभ्यर्थियों ने लिखित व शारीरिक दक्षता परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन गत 24 फरवरी को जो चयन सूची जारी की गई, उसमें याचियों समेत हजारों अभ्यर्थियों को फेल घोषित कर दिया गया, जबकि पहले फेल घोषित अभ्यर्थी पास हो गए। अधिवक्ता ने कहा कि ऐसा परीक्षा में अभ्यर्थियों को मिले अंकों के सामान्यीकरण (नॉर्मलाइजेशन) और परसेंटाइल के आधार पर अंतिम रिजल्ट तैयार किए जाने की वजह से हुआ।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचियों की तरफ से दलील दी गई कि संबंधित नियमावली में परसेंटाइल व सामान्यीकरण का प्रावधान नहीं है और इसे बाद में बदला नहीं जा सकता। इसी वजह से याची अभ्यर्थी फेल हो गए।
याचियों ने नतीजों को चुनौती देते हुए अदालत से अंतिम चयन सूची रद्द किए जाने और सामान्यीकरण की प्रक्रिया के बगैर नतीजे घोषित कराए जाने का आग्रह किया है। राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि सामान्यीकरण करने से पहले नोटिस निकाला गया था।