दरोगा के पद पर सीधी भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा कराने की जिम्मेदारी एक बार फिर उसी कंपनी को दे दी गई जिसने पिछली बार मानकों की अनदेखी की थी और पेपर लीक हो गया था। यह काम मुम्बई की एजेंसी एनएसईआईटी को दिया गया है।
बता दें कि दरोगा के 3307 पदों पर सीधी भर्ती वर्ष 2016 के लिए 17 जुलाई से 31 जुलाई तक ऑनलाइन परीक्षा होनी थी।
इसके लिए प्रदेश के22 जिलों में 97 केंद्र बनाए गए थे। 25 जुलाई को पेपर लीक होकर सोशल मीडिया पर आ गया था। डीजीपी ने इस मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी थी जबकि भर्ती बोर्ड ने ऑनलाइन परीक्षा निरस्त कर दी थी। अब यह परीक्षा नए सिरे से पांच दिसंबर से 25 दिसंबर के बीच कराने की तैयारी है।
मजे की बात यह कि यह परीक्षा भी उसी एनएसईआईटी एजेंसी से कराई जाएगी जिस पर एसटीएफ ने सवाल खड़े किए थे। 24 अगस्त को पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने सात लोगों को गिरफ्तार किया था और ऑनलाइन परीक्षा कराने वाली एजेंसी की लापरवाही की बात कही थी। एसटीएफ ने बताया था कि एजेंसी ने इन्फार्मेशन सिक्योरिटी पॉलिसी के मानकों की अनदेखी की।
सिक्योरिटी के कुल 138 मानक थे जिनमें से अधिकतर का पालन नहीं हुआ। इसके अलावा एनएसईआईटी ने न तो परीक्षा केंद्रों पर काम करने वालों का सत्यापन कराया और न ही वहां के हार्डवेयर और साफ्टवेयर की सुरक्षा जांची गई। इस नाते पूरे सिस्टम में सेंध लगाना काफी आसान हो गया।