फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...जोर का धमाका हुआ, लगा आसमान ऊपर आ गया: चश्मदीद

Thu, 02 Nov 2017 01:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
NTPC
विज्ञापन
मैं बॉयलर के बाहरी भाग में काम रहा था। मेरे जानने वाले तमाम साथी भीतर की तरफ थे। अचानक जोर का धमाका हुआ। लगा कि आसमान ऊपर आ गया। इसके बाद चारों तरफ धुआं और राख ही नजर आई।
विज्ञापन


बेल्ट के सहारे मैं बीम से लटक गया। आधा घंटा बाद जब हालात सामान्य हुए तो मैं वहां से उतर पाया। घटना के प्रत्यक्षदर्शी मायाराम इतना बताते-बताते दहशत से भर जाते हैं।
 
मायाराम बताते हैं कि स्थिति सामान्य होते ही वो और उनके साथी हरीशंकर ने लोगों को ऊपर से उतारना शुरू किया। 

घटना के थोड़ी ही देर में एंबुलेंस आ गई। इसलिए जल्दी से जल्दी लोगों को नीचे उतारकर लाना था। कोशिश थी कि उन्हें अस्पताल पहुंचाया जाए। राख और झुलसने की वजह से उनके अपने साथी पहचान में नहीं आ रहे थे। 
विज्ञापन

कब सिविल अस्पताल चला आया, नहीं पता

एनटीपीसी - फोटो : amar ujala
राजधानी के सिविल अस्पताल में राख से सने जले हुए कपड़े पहने बैठे मायाराम बताते हैं, अफरा-तफरी में साथियों को एंबुलेंस में पहुंचाते कब मैं यहां पहुंच गया, पता नहीं।

उनके साथी हरीशंकर की भी ऐसी ही हालत है। दोनों अपने साथियों के जल्द ठीक होने की दुआएं मांग रहे हैं। दोनों का कहना है कि किस्मत के चलते हम झुलसने से बच गए। पर साथियों के झुलसे हुए शरीर  घटना भूलने नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन

जो नीचे थे वो बुरी तरह झुलस गए

एनटीपीसी - फोटो : amar ujala
ट्रॉमा सेंटर में आए घायल संतोष के दोस्त सुरेश और छोटू चौधरी के भाई उपेंद्र बताते हैं कि अचानक विस्फोट के साथ आग का गोला, राख और भाप चारों तरफ फैल गई। वे लोग 10 से 12 मीटर ऊपर थे इसलिए बच गए लेकिन जितने लोग नीचे थे वे बुरी तरह झुलस गए। इसमें कई लोगों की मौत मौके पर ही हो गई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें