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UP: सौर ऊर्जा से रोशन होगी झोपड़ी, किसान चलाएंगे ट्यूबवेल-थ्रेसर; प्रदर्शनी में दिखा बाल वैज्ञानिकों का नवाचार

Thu, 27 Nov 2025 07:38 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

झोपड़ी सौर ऊर्जा से रोशन होगी और किसान ट्यूबवेल-थ्रेसर चलाएंगे। मंडलीय विज्ञान प्रदर्शनी में बाल वैज्ञानिकों की नवाचार सोच दिखी। आगे पढ़ें और जानें पूरी बात...
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विज्ञान प्रदर्शनी में अपने मॉडल प्रस्तुत करते बाल वैज्ञानिक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश अब नवीकरणीय ऊर्जा की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए राजधानी में आयोजित मंडलीय विज्ञान प्रदर्शनी में बाल वैज्ञानिकों ने सोलर पैनल आधारित नवाचार मॉडल्स पेश कर सभी का ध्यान खींचा। विद्यार्थियों ने दिखाया कि सौर ऊर्जा से न केवल झोपड़ी में उजाला किया जा सकता है, बल्कि किसानों के ट्यूबवेल और थ्रेसर भी चलाए जा सकते हैं।

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राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज परिसर में बृहस्पतिवार से शुरू हुई तीन दिवसीय प्रदर्शनी में लखनऊ बाल निकुंज की कक्षा 11 की छात्रा अंशिका यादव ने 'सोलर पावर डेवलपमेंट' नाम से आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किया। उनके मॉडल में यह दर्शाया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों की झोपड़ियों पर भी सोलर पैनल लगाकर रात में बेझिझक रोशनी की जा सकती है, भले ही बिजली का कनेक्शन न हो।

...इतना पावर जेनरेट किया जा सकता है

इसी तरह बख्शी का तालाब राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र अभय सिंह ने कचरे से ऊर्जा उत्पादन की तकनीक बताई। उनके मॉडल में यह दर्शाया गया कि जलते कचरे से निकलने वाली ऊर्जा को सोलर प्लांट के माध्यम से बिजली में परिवर्तित कर इतना पावर जेनरेट किया जा सकता है कि किसान अपने कृषि उपकरण आराम से चला सकें। इससे उन गांवों में भी ऊर्जा उपलब्ध कराई जा सकती है जहां बिजली की सुविधा सीमित है।

59 मॉडल्स में 30 सोलर आधारित नवाचार शामिल

संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार के अनुसार तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी के परिणामों की घोषणा 29 नवंबर को की जाएगी। कुल 59 नवाचार मॉडल प्रदर्शनी में शामिल हुए, जिनमें करीब 30 मॉडल किसी न किसी रूप में सोलर ऊर्जा से जुड़े हैं। 

प्रधानाचार्य आशुतोष कुमार ने बताया कि लखनऊ से 31, रायबरेली से 5, सीतापुर से 16, लखीमपुर खीरी से 6 और उन्नाव से एक मॉडल बाल वैज्ञानिकों ने प्रस्तुत किए हैं। शिक्षकों की ओर से लखनऊ से 7 और लखीमपुर से एक टीएलएम प्रदर्शित किया गया है।

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