मोहनलालगंज। टिकरा गांव के पास एक माह पूर्व हुई सड़क दुर्घटना में घायल 12 वर्षीय अर्पित चौरसिया की बृहस्पतिवार को ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मोहनलालगंज थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया। नाराज लोगों ने किशोर का शव उसके गांव में रखकर भी कार्रवाई की मांग की। एसीपी मोहनलालगंज विकास कुमार पांडेय ने लोगों को शांत कराने का प्रयास किया पर लोग नहीं माने। अंत में हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शन खत्म कराया। चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।
उत्तर गांव निवासी अर्पित 31 मार्च को संजू के साथ बाइक से टिकरा चौराहे गया था। रास्ते में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक को टक्कर मारी थी। हादसे में अर्पित गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसका इलाज ट्रॉमा सेंटर में चल रहा था। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर मोहनलालगंज कोतवाली पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस ने शव को किसी तरह गांव भेज दिया। नाराज लोगों ने थाने के अंदर भी एक घंटे तक प्रदर्शन किया।
शव रखकर सड़क पर किया प्रदर्शन
अर्पित का शव गांव पहुंचा, जहां लोगों ने सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि दुर्घटना करने वाली स्कॉर्पियो छोड़ी गई और नाबालिग चालक गिरफ्तार नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि आरोपी चालक की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार नहीं होगा।
कोर्ट के आदेश पर छोड़ी गई थी गाड़ी
एसीपी मोहनलालगंज विकास कुमार पांडेय ने बताया कि स्कॉर्पियो कोर्ट के आदेश पर छोड़ी गई थी। प्राथमिकी दर्ज है, जांच जारी है और गाड़ी नाबालिग चला रहा तो उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जांच में पता चला है कि स्कॉर्पियो अहमदखेड़ा गांव के रहने वाले व्यक्ति की है।
अर्पित की फाइल फोटो।
अर्पित की फाइल फोटो।