लखनऊ। यातायात पुलिस चालान करने में कोई कोताही नहीं कर रही है। हर महीने एक लाख से अधिक वाहनों के चालान किए जा रहे हैं, लेकिन नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है। इसकी वजह जुर्माना वसूलने में नाकामी है। सख्ती से जुर्माना वसूलने का अधिकार भी नहीं है, इसलिए लोग बेफिक्र होकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
जनवरी से अक्तूबर तक यातायात पुलिस ने 12 लाख चालान किए। इनमें से सिर्फ 23,400 लोगों ने ही जुर्माना भरा। सख्ती न होने से हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करने से लेकर ओवर स्पीडिंग और ट्रिपलिंग धड़ल्ले से हो रही है। एक अफसर ने बताया कि जुर्माना न भरने से चालान कोर्ट में चला जाता है। वहां से चालान की रकम की अपेक्षा काफी कम राशि में चालान का निस्तारण हो जाता है। पुलिस को सीधे जुर्माना न भरने की यह भी बड़ी वजह है।
इसमें भी ढिलाई...इसलिए और भी असर है कम
पांच या इससे अधिक चालान पर वाहन स्वामियों के डीएल निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की थी। आठ महीने पहले यातायात पुलिस ने आरटीओ को ऐसे 13,400 वाहनों का विवरण भेजा था। इनमें से सिर्फ 2200 के लाइसेंस निरस्त किए गए। अन्य मामले लंबित है।
कोट...
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। पांच या इससे अधिक चालान होने पर वाहन स्वामी का लाइसेंस निरस्त करने के लिए आरटीओ को रिपोर्ट लगातार भेजी जा रही है।
- अशोक कुमार सिंह, एडीसीपी ट्रैफिक
यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बृहस्पतिवार को सख्ती की गई।
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