लखनऊ। आज हर देश अपनी तकनीक पर निर्भर है। अमेरिका के सॉफ्टवेयर और चीन के हार्डवेयर का प्रभुत्व है। हमारा अधिकतर डिजिटल ढांचा विदेशी नियंत्रण में होने से इसकी सुरक्षा पर खतरा है। क्लाउड से मेसेजिंग तक भारत का डाटा वैश्विक वेंडर्स के पास है। ऐसे में भारत को भी स्वदेशी तकनीक पर नियंत्रण करना जरूरी है।
केंद्र सरकार के नेशनल क्वांटम मिशन व एचसीएल के सह संस्थापक डॉ. अजय चौधरी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेंसिक साइंस में क्वांटम कम्प्यूटिंग विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में ये बातें कहीं। डॉ. चौधरी ने कहा कि साइबर शिक्षा और सुरक्षा को क्वांटम आधारित बनाना जरूरी है। भारत की नेशनल क्वांटम मिशन में तेज प्रगति क्वांटम कंप्यूटिंग, कम्युनिकेशन और सेंसिंग की आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम है।
आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने कहा कि आईआईटी कानपुर की साझेदारी से क्वांटम कंप्यूटर भारत लाने और नोएडा एनसीआर में डीप टेक हब बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार वित्तीय सहायता, इंफ्रास्ट्रक्चर, नीतिगत समर्थन और कौशल विकास को बढ़ावा दे रही है। संस्थान के महानिरीक्षक राजीव मल्होत्रा, पुलिस उपमहानिरीक्षक हेमराज मीना और उपनिदेशक जितेंद्र श्रीवास्तव मौजूद रहे।