बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ‘इंडियाज डॉटर’ बैन करने पर आलोचना झेल रही मोदी सरकार को यूपी में सपा प्रमुख मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव के रूप में एक समर्थक मिल गया है।
अपर्णा ने सोमवार को समर्थकों के साथ बीबीसी के खिलाफ राजधानी स्थित 1090 चौराहे पर प्रदर्शन किया और बीबीसी का पुलता फूंका। उन्होंने डॉक्यूमेंट्री को पागलों का इंटरव्यू बताया। उन्होंने कहा कि इस डॉक्यूमेंट्री से भारतीय पुरूषों की छवि खराब हो रही है।
अपने सामाजिक संगठन हर्ष संस्था के बैनर तले प्रदर्शन करने आईं अपर्णा के साथ संस्था व भाकियू के कार्यकर्ता थे। प्रदर्शन पूर्वनियोजित था, इसलिए मौके पर स्टेज और पुतला फूंकने के लिए होर्डिंग युक्त प्लेटफॉर्म भी बनाया गया था।
गलत संदर्भों में दिखाया गया मुकेश का इंटरव्यू
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अपर्णा ने कहा कि निर्भया केस पर बनी इस डाक्यूमेंट्री में बीबीसी ने एक सजायाफ्ता पागल मुकेश सिंह का इंटरव्यू इस तरह दिखाया है जैसे वह भारतीय पुरुषों का प्रतिनिधित्व करता है।
उन्होंने इस डाक्यूमेंट्री के प्रसारण पर रोक को उचित बताते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के मायने यह नहीं है कि किसी का अपमान किया जाए।
अपर्णा यादव ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री भारतीय महिलाओं का अपमान करती है। इसका प्रसारण गैरकानूनी है। इस प्रदर्शन को उन्होंने सपा से जोड़ने से इन्कार करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन वे बतौर सामाजिक कार्यकर्ता कर रही हैं।
यहां देखें, विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें
साथ ही बताया कि उन्होंने यह डाक्यूमेंट्री नहीं देखी है क्योंकि इसे देखना भारतीयों के लिए गैरकानूनी है। लेकिन मीडिया में अब तक आई जानकारी के आधार पर वे इसे एकतरफा मानती हैं, जिससे दुनिया में भारतीय पुरुषों की छवि खराब हो रही है।
ज्यादातर को पता नहीं क्या है विवाद
प्रदर्शन में भाकियू के 100 से अधिक कार्यकर्ता शामिल थे। इनमें शामिल इंदिरानगर की शिवरानी, गुड़िया, रूपरानी आदि से पूछा गया कि वे यहां किसलिए आई हैं?
तो उनका जवाब था कि वे बेटियों की सुरक्षा के लिए यहां आई हैं। बेटियों की सुरक्षा मजबूत हो वो इसलिए प्रदर्शन में आईं हैं। जब उनसे डॉक्यूमेंट्री के विरोध के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसकी जानकारी से इन्कार किया।
वहीं सीतापुर रोड और बंग्ला बाजार से आकर इन समूह का नेतृत्व कर रहे कार्यकर्ताओं राजू यादव व ईश्वरी दीन ने कहा कि वे जानते हैं कि रात को घर से निकली उनकी बेटी सुरक्षित नहीं है, लेकिन बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री में सिर्फ एक पक्ष दिखाया गया है, इसलिए वे इसका विरोध करते हैं।