रक्षा मंत्री मनोहर परीकर ने कहा कि भारतीय सेना को सर्वाधिक जरूरत तोपों की है। सरकार ने 154 हल्की तोपों की खरीद को फाइनल कर दिया है। 2017 से देश में बने धनुष तोप भी सेना को मिलने लगेंगे। वह गुरुवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर मीडिया से मुखातिब थे।
रक्षा मंत्री ने बताया कि 1984 से अब तक तोपों की खरीद नहीं हुई है। भारतीय सेना छह तरह की तोपों का इस्तेमाल कर रही है। हमारे पास जो तोप हैं, वे काफी प्रभावी हैं लेकिन इतने वर्षों में तकनीक में बड़ा बदलाव आ गया है। सेना को 3000 तोपों की जरूरत है लेकिन रणनीतिक कारणों से एक झटके में इतनी बड़ी तादाद में नहीं खरीदी जा सकतीं।
उनकी ट्रेनिंग भी देनी होती है, तकनीकी खामी भी आ सकती है। फिलहाल अभी 154 हल्की तोपों की खरीद की जाएगी। अगले साल तक 145 तोपें आ जाएंगी। इसके कुछ पार्ट्स अमेरिका से आएंगे, कुछ देश में बनेंगे। इनकी असेंबलिंग भारत में ही होगी।
इनका वजन प्रति तोप साढ़े चार टन है और ये उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र और पहाड़ी राज्यों के लिए ज्यादा कारगर हैं। इन्हें कभी भी जरूरत होने पर हेलीकॉप्टर से ले जाया जा सकता है और ट्रकों में रखकर इस्तेमाल किया जा सकता है। कानपुर और जबलपुर में बनने वाले स्वदेशी तोप धनुष 2017 से सेना को मिलने शुरू हो जाएंगे।
आर्थिक विकास से जुड़ा है आतंकवाद
परीकर ने कहा, आतंकवाद का मुद्दा बहुत हद तक आर्थिक विकास से जुड़ा हुआ है। जहां लोग नौकरी और खाने-पीने तक के अधिकार से वंचित हैं, वहां उनके भटकाव का कुछ लोग इस्तेमाल कर लेते हैं।
यह भी कह सकते हैं कि गवर्नेंस की नाकामी भी इसका एक कारण है। कश्मीर के आतंकवाद पर उन्होंने कहा, अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माना जाने लगा है कि कश्मीर में क्रास बॉर्डर टैरेरिज्म है।
एक साल में सिर्फ आठ जवान शहीद
उन्होंने बताया कि कश्मीर में प्रभावी इटेंलीजेंस के चलते बॉर्डर पर एक साल में सेना के केवल आठ जवान शहीद हुए हैं, जबकि उससे पहले साल 40 जवानों की जान गई थी। एक साल में 40 आतंकी मारे गए हैं। इनमें 36 सीमा पर घुसपैठ के समय ही मारे गए। उन्हें भारत में घुसने नहीं दिया गया। कोशिश है कि घाटी में सुरक्षित वातावरण बने।
सेना की भूमि पर विवाद बहुत कम
रक्षा मंत्री ने कहा कि सेना के पास कुल 17 लाख 60 हजार एकड़ भूमि है। इसमें से केवल 12 हजार एकड़ जमीन ही विवादित है। यानी विवादित जमीन बहुत कम है। इन विवादों का भी चरणबद्ध ढंग से निस्तारण किया जाएगा।
मिग-21 की उम्र सिर्फ 10 साल बची
उन्होंने कहा, वायु सेना के मिग-21 लड़ाकू विमान की उम्र केवल 10 साल बची है। इसे तेजस से रिप्लेस किया जाएगा। तेजस इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर शूट (रडाररोधी तकनीक) से लैस है।
लखनऊ में गोद लेंगे कुछ गांव
परीकर ने कहा कि लखनऊ में उनकी सांसद निधि का खाता खुल गया है। जल्द ही वह इसे ऑपरेट करेंगे। 5-6 गांवों को आदर्श बनाने के लिए गोद लेंगे। कहा, गोवा में सांसद निधि नहीं होती है। वह यहां पार्टी की मदद से इस काम को करेंगे।