बुंदेलखंड के झांसी में पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई ने अपनी जड़ें कितनी गहरी जमा ली हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण एसडीएम सदर के दफ्तर से भारतीय सेना की गोपनीय सूचनाओं का लीक होना है। यूपी एटीएस ने इस मामले में एसडीएम सदर ऑफिस में तैनात कर्मियों से पूछताछ शुरू कर दी है। यहां से कम्प्यूटर, पेन ड्राइव सहित कई जरूरी उपकरण अपने कब्जे में ले लिए हैं।
एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि एटीएस को एसडीएम ऑफिस से भारतीय सेना से संबंधित गोपनीय सूचनाएं आईएसआई एजेंटों को देने की जानकारी मिली थी। एटीएस ने इस मामले की विवेचना शुरू कर दी है। एटीएस के अधिकारियों ने यहां से कई जरूरी अभिलेख अपने कब्जे मे लिए हैं।
आईजी ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पूछताछ कई लोगों से की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच एटीएस के उप निरीक्षक केएम राय के नेतृत्व में एटीएस की टीम कर रही है।
झांसी में अब तक पकड़े जा चुके हैं कई आईएसआई एजेंट
यूपी एटीएस ने पहले भी झांसी से सेना के सूबेदार इंद्रपाल कुशवाहा को भारतीय सेना की गोपनीय जानकारियां एकत्रित करने के आरोप में पकड़ा था। इसके माध्यम से एटीएस ने झांसी सदर बाजार पुलिस के साथ मिलकर एजाज खान नाम का आईएसआई एजेंट पकड़ा था। यह एजेंट झांसी से आईएसआई एजेंटों को रुपये भेजता था। यह झांसी में किराए के मकान में रहकर पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिये काम कर रहा था।