राज्यपाल ने कहा कि अंग्रेजों ने भारतीयों को औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था की सेवा करने के लिए जबरन अज्ञात भूमि पर भेज दिया था। लेकिन उन महान लोगों ने दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता से अपनी गोद ली हुई मातृभूमि मॉरीशस के आर्थिक विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने अपनी अगली पीढ़ियों के जीवन को बदल दिया। मॉरीशस भारतीयों के साहस और परिश्रम को प्रमाणित करता है। अप्रवासी घाट पर आयोजित समारोह से युवा पीढ़ी अपने पूर्वजों के अतीत के बारे में जानेगी।
मॉरीशस के साथ आगे भी बढ़ेगी साझेदारी
राज्यपाल ने कहा कि भारत को अपनी विकास यात्रा में मॉरीशस के लोगों और सरकारों के साथ मिलकर काम करने पर गर्व है। यह साझेदारी आगे भी बढ़ेगी। मॉरीशस और भारत के लोग हमेशा रिश्तेदारी और दोस्ती के अपने मजबूत संबंधों को बनाए रखेंगे।
इस अवसर पर मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रवीण कुमार जगन्नाथ, उप प्रधानमंत्री इवान कोलेंडेवेलो, सेवानिवृत्त मंत्री अनिरुद्ध जगन्नाथ, उप प्रधानमंत्री फाजिला ड्यूरेवो, कला और संस्कृति मंत्री पृथ्वीराज सिंह रूप, अध्यक्ष अप्रवासी घाट ट्रस्ट फंड धर्म यश देव धुनि मौजूद थे।