प्रेसवार्ता में डॉ. आशीष, रमेश भारती व अमिताभ।
लखनऊ। आज लोग कड़ी वस्तुएं नहीं खा रहे हैं। गन्ना चूसना, चने चबाना कम हो गया है। नरम वस्तुओं का सेवन बढ़ गया है। इसका असर दांतों, जबड़ों पर पड़ रहा है। दांतों की बीमारियां तेजी से बढ़ रही है। यूपी डेंटल शो 2025 के चीफ कॉडिनेटर डॉ. आशीष खरे ने बृहस्पतिवार को हजतरगंज के होटल में पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि दांतों से जुड़ी बीमारियों के इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए। इसमें लापरवाही पर दांतों के खराब होने की आशंका बढ़ जाती है। नई तकनीक व बेहतर इम्लांट से नकली दांत लगाना आसान हो गया है। असली दिखने वाले इम्प्लांट लंबे समय चलते हैं।
डॉ. खरे ने बताया कि 23 व 24 अगस्त को गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में इंटरनेशनल कार्यशाला में देशभर से 1500 से अधिक डेंटल सर्जन आ रहे हैं। बीडीएस व एमडीएस के छात्र भी हिस्सा लेंगे। कार्यशाला के कॉडिनेटर व केजीएमयू में दंत संकाय के डॉ. रमेश भारती ने बताया कि कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. संजीव मिश्रा, इंडियन डेंटल एसो. के अध्यक्ष डॉ. शुभा नंदी व सेक्रेटरी जनरल डॉ. अशोक धोबले करेंगे। प्रतिभागियों के प्रशिक्षण के लिए चार कार्यशालाएं होंगी। ये माइकोस्कोपिक डेन्टिस्ट्री, एस्थेटिक डेन्टिस्ट्री और इम्प्लांट की नवीनतम तकनीकी पर होंगी।