रियल एस्टेट कंपनी पिनटेल और अमरावती ग्रुप के करीबी हरेश मिश्रा के ठिकाने पर रविवार को आयकर विभाग के छापे में कोलकाता और मुंबई से जुड़ी तमाम शेल कंपनियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इन कंपनियों के जरिए बड़े पैमाने पर हेराफेरी करने के पुख्ता सुराग आयकर विभाग को मिले हैं। वहीं, अमरावती ग्रुप के संचालक रवि पांडेय के करीबी रिश्तेदार हरेश मिश्रा का राजधानी के सुल्तानपुर रोड स्थित एक्सेला कुटुंब प्रोजेक्ट से भी जुड़े होने का प्रमाण मिला है। आयकर विभाग ने हरेश मिश्रा के फ्लैट से कंप्यूटर की चार हार्ड डिस्क और आठ पेन ड्राइव भी बरामद की है, जिसका डाटा एनालिसिस किया जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो रियल एस्टेट कारोबारियों के चार राज्यों में स्थित 50 से ज्यादा ठिकानों पर तीन हफ्ते पहले मारे गए छापों में मिले दस्तावेजों की जांच में हरेश मिश्रा का नाम सामने आया था। जब कारोबारियों के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स के दस्तावेजों की जांच की गई तो पता चला कि अधिकतर संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के लिए हरेश मिश्रा को अधिकृत किया गया था। कुछ साल पिनटेल ग्रुप के संचालक रोहित सहाय की तरह कारपोरेट कंपनी में काम करने वाले हरेश मिश्रा ने रियल एस्टेट के कारोबार में आकर करोड़ों रुपये की सौदे करने शुरू कर दिए थे। आयकर विभाग को कुछ ऐसे भी दस्तावेज मिले थे, जिसमें करोड़ों रुपये की नगदी को हरेश मिश्रा के जरिए कुछ लोगों को देने का जिक्र था। इन्हीं सब पहलुओं की गहनता से जांच के लिए आयकर विभाग ने हरेश मिश्रा के फ्लैट को खंगाला और तमाम अहम सुबूत एकत्र किए।
राजनेताओं से कनेक्शन की पड़ताल जारी
पिनटेल और अमरावती ग्रुप के संचालकों के यूपी और महाराष्ट्र के राजनेताओं से संबंधों की जांच तेजी से हो रही है। अब तक की जांच में यूपी में समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं और महाराष्ट्र के एक बड़े राजनीतिक घराने की संलिप्तता के पुख्ता सुराग मिल चुके है। आयकर विभाग को अब हवाला कारोबारी नंद किशोर चतुर्वेदी की तलाश है, जो महाराष्ट्र के राजनीतिक घराने और रियल एस्टेट कारोबारियों के बीच की कड़ी बताया जा रहा है।