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Lucknow News: लविवि में पं. दीनदयाल की प्रतिमा के अनावरण के साथ लेक्चर रूम व पुस्तकालय का उद्घाटन

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लविवि में पं. दीनदयाल की प्रतिमा के अनावरण के साथ लेक्चर रूम व पुस्तकालय का उद्घाटन
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर उनकी अर्धप्रतिमा का अनावरण किया गया। कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने मिनी लेक्चर रूम और पुस्तकालय का उद्घाटन करने के साथ ही शोध पीठ के लोगो का भी लोकार्पण किया।
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कुलपति ने शोध पत्रिका अंत्योदय के द्वितीय खंड का विमोचन करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीयता के महत्वपूर्ण चिंतक थे। उनके अंत्योदय और एकात्म मानवदर्शन के सिद्धांत भारत को विश्व गुरु बनाएंगे। कला संकायाध्यक्ष अरविंद मोहन ने विद्यार्थियों को भारतीय चिंतन से जोड़ने पर बल दिया। शोध पीठ के निदेशक राकेश द्विवेदी ने शोध पीठ की गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही बताया कि मिनी लेक्चर रूम और पुस्तकालय विद्यार्थियों के लिए लाभप्रद होंगे। निर्माण अधीक्षक विनीत वर्मा समेत कई शिक्षक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर यहां भी हुए आयोजन

ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि में आधुनिक वैश्विक परिदृश्य में एकात्म मानव दर्शन एवं वसुधैव कुटुंबकम की प्रासंगिकता विषय पर संगोष्ठी हुई। कुलपति प्रो. अजय तनेजा की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि संजय ने मनुष्य के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समन्वित विकास पर जोर दिया। वसुधैव कुटुंबकम को भारतीय चिंतन परंपरा का अभिन्न अंग बताया। विशिष्ट अतिथि देवकांत त्रिपाठी, डॉ. अंबेडकर विवि के प्रो. बीडी शुक्ल ने उपाध्याय के राष्ट्र चिंतन के विभिन्न पहलुओं पर बात की। संचालन डॉ. नीरज शुक्ल ने व संयोजन डॉ. अंशुल पांडेय ने किया।

लविवि में पं. दीनदयाल की प्रतिमा के अनावरण के साथ लेक्चर रूम व पुस्तकालय का उद्घाटन

लविवि में पं. दीनदयाल की प्रतिमा के अनावरण के साथ लेक्चर रूम व पुस्तकालय का उद्घाटन

लविवि में पं. दीनदयाल की प्रतिमा के अनावरण के साथ लेक्चर रूम व पुस्तकालय का उद्घाटन

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