बसपा सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा चुनाव के पहले संगठन को पूरी तरह से सक्रिय करने पर काम शुरू कर दिया है। उन्होंने जिला, विधानसभा व सेक्टर स्तरीय संगठन के निष्क्रिय पदाधिकारियों का हटाकर नए पदाधिकारी बनाने का काम मई तक और पूर्व में भंग किए गए पोलिंग बूथ के गठन का काम जून से शुरू कर अगस्त तक पूरा करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि सपा के साथ पार्टी के संबंध पूरी मजबूती से जारी रहेंगे। पार्टी आगे के उपचुनावों में गोरखपुर व फूलपुर लोकसभा उपचुनाव की तरह सक्रिय भूमिका नहीं निभाएगी।
वह सोमवार को बसपा प्रदेश मुख्यालय पर पार्टी के विधायकों, जोनल इंचार्जों व जिम्मेदार वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रही थीं। मायावती ने राज्यसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के साथ एकजुट रहकर वोट करने वाले विधायकों का आभार जताया।
उन्होंने विधायकों व कोआर्डिनेटरों से कहा है कि जिस तरह भाजपा के सहयोगी दल एक-एक कर सरकार से हटते जा रहे हैं, उससे केंद्र सरकार, राजस्थान, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के साथ ही लोकसभा के आम चुनाव करा सकती है।
ऐसे में चुनाव की तैयारी के लिए अभी से जी-जान से जुटना होगा। उन्होंने दुहराया कि सपा के साथ पार्टी के संबंध पूरी मजबूती से जारी रहेंगे। पार्टी आगे के उपचुनावों में गोरखपुर व फूलपुर लोकसभा उपचुनाव की तरह सक्रिय भूमिका नहीं निभाएगी।
उन्होंने जोन इंचार्जों को आगाह किया कि संगठन से निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाने और उनकी जगह नए बनाने का काम कमरों में बैठकर नहीं होगा। इसके लिए जिला, विधानसभा व सेक्टर स्तरीय कैडर बैठकें होंगी और उसी में विचार-विमर्श कर नए सक्रिय लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी।
संगठन से जुड़ने वालों को 50 रुपये लेकर सदस्य बनाया जाएगा। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर, बसपा विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा सहित सभी विधायक व जोन इंचार्ज उपस्थित रहे।