प्रदेश सरकार ने वायु प्रदूषण के मद्देनजर लखनऊ और रायबरेली सहित 16 जिलों के प्रमुख शहरों को संवेदनशील घोषित किया है। प्रमुख सचिव पर्यावरण सुधीर गर्ग ने इन जिलों के अधिकारियों को प्रदूषण नियंत्रण व शहरों की वायु गुणवत्ता बनाए रखने के लिए तत्काल जरूरी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को प्रमुख सचिव वन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय एयर क्वालिटी मानीटरिंग कमेटी की बैठक हुई। यहां बताया गया कि वायु प्रदूषण के मद्देनजर लखनऊ, रायबरेली, कानपुर, आगरा, गजरौला, गाजियाबाद, नोएडा, खुर्जा (बुलंदशहर), मेरठ, मुरादाबाद, अनपरा (सोनभद्र), प्रयागराज, वाराणसी, झांसी, फिरोजाबाद व बरेली संवेदनशील शहर के रूप में चिह्नित किए गए हैं।
इन शहरों में वायु प्रदूषण के नियंत्रण के लिए पानी का नियमित छिड़काव, वाहनों की नियमित जांच, कूड़ा जलाने की घटनाओं पर नियंत्रण, निर्माण गतिविधियों में धूल नियंत्रण की व्यवस्था, पीटीजेड कैमरे की स्थापना, औद्योगिक इकाइयों के औचक निरीक्षण, हरित पट्टिका का विकास आदि किया जाना है। इन शहरों के अधिकारियों ने प्रमुख सचिव के समक्ष वायु प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित कार्ययोजना के क्रियान्वयन की प्रगति का लेखाजोखा रखा। इसमें किए प्रस्तावित कार्यों व स्थानीय हॉट स्पॉट का ब्योरा भी दिया गया।
प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरों में चिह्नित हॉट स्पॉट में प्रभावी कार्यवाही की जाए। जिला प्रशासन नियमित रूप से प्रदूषण के स्तर का अनुश्रवण करे और वायु प्रदूषण रोकने के लिए तय कार्ययोजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराए। बैठक में सचिव वन संजय सिंह व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आशीष तिवारी आदि उपस्थित रहे।