सत्ताधारी दल भाजपा को जिला पंचायत सदस्य के पदों के चुनाव में झटका लगा है। पार्टी को कई जिलों में निराशाजनक परिणाम का सामना करना पड़ा है। सपा ने कई जिलों में बड़ी जीत हासिल की है। बसपा, कांग्रेस व आप ने भी कई जिलों में उपस्थिति दर्ज कराई है। अपने-अपने प्रभाव वाले जिलों में रालोद, महान दल, अपना दल ने भी कई सीटें जीतने में सफलता हासिल की है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना के तीसरे दिन भी देर रात तक तमाम पदों की मतगणना जारी थी। बड़ी संख्या में प्रत्याशियों को विजेता के रूप में घोषित किए जाने के बावजूद प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया था। मतगणना के घोषित नतीजों, निर्णायक रुझान व अनंतिम परिणाम के मुताबिक भाजपा ने गोरखपुर, वाराणसी, बुलंदशहर, बदायूं, सहारनपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़ व जौनपुर सहित कई अन्य जिलों में अलग-अलग विपक्षी दलों की अपेक्षा अधिक सीटें जीतने में सफलता हासिल की हैं। हालांकि गाजीपुर, देवरिया, कुशीनगर, बिजनौर, आजमगढ़, खीरी, सोनभद्र सहित कई जिलों में सपा ने अन्य दलों की अपेक्षा अधिक सीटें जीत ली।
अवध में कड़ी टक्कर...
अवध के बाराबंकी में जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में सपा व भाजपा को 11-11 सीटें मिली तो अयोध्या में भाजपा 8 सीट पर सिमट गई। यहां सपा को 18 व बसपा को चार सीट मिली।
अंबेडकर नगर में भाजपा को केवल दो सीट से संतोष करना पड़ा है, जबकि सपा ने 11 व बसपा ने 8 सीटें झटक ली।
सुल्तानपुर में 45 में सपा को सात, भाजपा को तीन व बसपा को तीन सीट मिली हैं।
रायबरेली में भी सपा 12 सीट जीतकर भाजपा के 9 से आगे रही।
गोंडा में भाजपा को 16 तो सपा 13, बहराइच में भाजपा 20 तो सपा 23, श्रावस्ती में भाजपा 4 तो सपा छह, सीतापुर में भाजपा 13 तो सपा ने 9 सीटें जीती हैं।
ग्राम प्रधान, बीडीसी के नतीजे देने में भी देरी
निर्वाचन आयोग मतगणना के तीसरा दिन बिताने के बावजूद देर रात तक ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत चुनाव के भी फाइनल रिजल्ट जारी नहीं कर पाया।
निर्दलीयों का दबदबा, दिलाएंगे अध्यक्ष पद
जिला पंचायत चुनाव में निर्दलीयों का दबदबा नजर आ रहा है। बाराबंकी की 57 सीट में 30, सीतापुर में 79 में 25, श्रावस्ती में 22 में 12 बहराइच में 63 में 20, अम्बेडकर नगर में 41 में 18, गोंडा की 65 में 33, सुल्तानपुर की 45 में 27 व अयोध्या की 40 में से 10 सीट निर्दलीयों ने जीतने में सफलता हासिल की है। इसी तरह कई अन्य जिलों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे हैं। माना जा रहा है कि तमाम जिलों में अध्यक्ष पद की ताजपोशी में निर्दलियों की अहम भूमिका रहने वाली है।