लखनऊ। बीबीडी इलाके में छेड़छाड़ के विरोध पर किशोरी को पीटकर छत से फेंकने के मामले में मुख्य आरोपी सिपाही मुकेश को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन सह आरोपी महिला सिपाही कुमकुम और उसके भाई अंकित के खिलाफ अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मजिस्ट्रेटी बयान का इंतजार कर रही है।
एसीपी विभूतिखंड विनय द्विवेदी ने बताया कि अभी तक की छानबीन व जांच में मुख्य आरोपी सिपाही मुकेश की ही भूमिका मिली थी। इसी आधार पर पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। केस में नामजद मुकेश की पत्नी कुमकुम व साले अंकित की भूमिका की जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि किशोरी का लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। ऐसे में उसका मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज नहीं हो सका है। प्रयास है कि जल्द से जल्द किशोरी का मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया जाए। अगर मजिस्ट्रेटी बयान में किशोरी महिला सिपाही व उसके भाई का नाम लेती है तो दोनों को गिरफ्तार किया जाएगा। अस्पताल में भर्ती किशोरी की हालत सामान्य है, लेकिन अभी वह चलने की स्थिति में नहीं है।
यह है पूरा मामला
बीबीडी इलाके में नौ जून की शाम छेड़छाड़ का विरोध करने पर किशोरी, उनकी मां व पिता के साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं किशोरी को आरोपियों ने मकान की दूसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया गया। किशोरी की मां ने डायल-112 में तैनात सिपाही मुकेश यादव, उसकी पत्नी महिला सिपाही कुमकुम यादव और साले अंकित यादव पर आरोप लगाया था। छत से गिरने से किशोरी की रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। किशोरी की मां ने तीनों के खिलाफ छेड़छाड़, हत्या के प्रयास, पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया था। 12 जून को बीबीडी पुलिस ने आरोपी सिपाही मुकेश को गिरफ्तार किया था।