सचिवालय, बापू भवन समेत सरकार के अन्य संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों व मंत्रियों के कार्यालय तथा आवास पर तैनात होमगार्डों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इन जगहों पर कौन-कौन होमगार्ड तैनात हैं? कौन होमगार्ड कितने लंबे समय से ड्यूटी कर रहा है? इसके पीछे की वजह पता लगाने के प्रयास हो रहे हैं। दरअसल, संवेदनशील और महत्वपूर्ण सरकारी महकमों में ड्यूटी के लिए होमगार्ड लालायित रहते हैं।
वे बड़े अधिकारियों और मंत्रियों के करीब रहकर अपने व दूसरों के जायज-नाजायज काम कराकर कमाई करते हैं। ऐसी जगहों पर तैनाती के लिए वह विभागीय अधिकारियों से सेटिंग करते हैं। कई बार इसके लिए अपने अफसरों को तमाम तरह की सुविधाएं भी देते हैं। सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने गोमतीनगर स्थित जिला कमांडेंट के कार्यालय जाकर कुछ होमगार्डों की ड्यूटी से संबंधित फाइलें, कागजात और दस्तावेज कब्जे में लिए हैं।
शहर के 18 थानों के मस्टर रोल की पड़ताल
गुडंबा और विभूतिखंड थाना में होमगार्डों के वेतन घोटाले का खुलासा होने के बाद शहर के 18 अन्य थानों में भी गड़बड़ी की जांच शुरू हो गई है। शुक्रवार को गोमतीनगर पुलिस ने जिला कमांडेंट कार्यालय से इन थानों के मस्टर रोल और पुलिस से होमगार्डों की ड्यूटी के प्रमाणित प्रपत्र कब्जे में ले लिए। मस्टर रोल और प्रपत्रों का मिलान कर घोटाले की रकम का आंकड़ा पता किया जाएगा।
ड्यूटी लगाने में वर्षों से किए जा रहे घोटाले की जांच में अभी कई और अफसरों की गर्दन फंस सकती है। घोटाले में कई अफसरों की संलिप्तता की सूचना सामने आने पर अब मुख्यालय स्तर के अधिकारियों को जिलों में जाकर जांच करने को कहा गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार डीजी होमगार्ड्स जीएल मीणा की स्टाफ ऑफिसर आईपीएस अधिकारी प्रतिभा अंबेडकर कई चुनिंदा जिलों में जाकर जांच करेंगी। सूत्र बताते हैं कि जिन जिलों में जांच प्रस्तावित है उनमें आगरा, कानपुर, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज आदि शामिल हैं।
इस जांच में एक निर्धारित अवधि में ड्यूटी के प्रविष्टियों का सत्यापन किया जाएगा, कर्मियों के बयान दर्ज किए जाएंगे और ड्यूटी के लेकर पूर्व में आई आपत्तियों पर हुई कार्यवाही का ब्यौरा जांचा जाएगा। यह कवायद विभाग के उन बड़े अफसरों की घोटाले में भूमिका तय करने के लिए है, जिनके बारे में अनियमितता की शिकायतें आई हैं। इस कवायद के बाद कई और अफसरों पर कार्रवाई संभावित है।