प्रेसवार्ता करते सरदार सेना के पदाधिकारी।
लखनऊ। सरदार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. आरएस पटेल ने कहा कि मौजूदा सरकार में सरदार वल्लभ भाई पटेल के विचारों को रौंदा जा रहा है। सरदार पटेल के सपनों के भारत में मधुशाला की नहीं, पाठशाला की जरूरत है। वर्तमान में देश भर में 84 हजार स्कूलों और पाठशालाओं को बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल स्वाभिमान रथ यात्रा के समापन समारोह में मंगलवार को रोजगार, न्याय और बुलडोजर की राजनीति के खिलाफ रणनीति तैयार की जाएगी।
शहर के एक होटल में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में धर्म, संप्रदाय, जातिगत कुरीतियां और विभाजनकारी तत्वों का बोलबाला है। जनता के मूलभूत सवाल चर्चा से गायब हैं। ऐसे में सरदार सेना ने लोगों में एकता का भाव जागृत करने के लिए 22 अक्तूबर को कानपुर देहात से सरदार स्वाभिमान रथ जनहित संकल्प यात्रा की शुरूआत की थी। यात्रा वाराणसी होते हुए करीब 1,800 किमी की यात्रा तयकर मंगलवार को लखनऊ के चारबाग स्थित रविंद्रालय पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर यहां वर्तमान शिक्षा नीति, रोजगार व न्याय के विषय पर चर्चा कर नए विकल्प की तलाश की जाएगी। पत्रकार वार्ता में सरदार सेना के राष्ट्रीय संरक्षक अविनाश काकड़े, राष्ट्रीय सचिव एडवोकेट रामलाल पटेल, चिराग पटेल आदि मौजूद रहे।
प्रेसवार्ता करते सरदार सेना के पदाधिकारी।