फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: कमीशन के लालच में एलडीए के बाबुओं ने ठगों को दी थी खाली प्लॉटों की सूची

विज्ञापन
कमीशन के लालच में एलडीए के बाबुओं ने ठगों को दी थी खाली प्लॉटों की सूची
विज्ञापन
लखनऊ। एलडीए के अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत से जालसाजों ने फर्जीवाड़ा कर कीमती प्लॉट बेच दिए। एसटीएफ अब एलडीए के अधिकारियों और बाबुओं की भूमिका की जांच कर रही है। एसटीएफ में डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के मुताबिक जो प्लॉट बेचे गए हैं, उनके कस्टोडियन एलडीए के ही कर्मचारी थे। ऐसे में पत्राचार कर एलडीए के बाबुओं की सूची मांगी गई है। सभी से पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन


एसटीएफ की पूछताछ में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने बताया था कि उन्हें लंबे समय से खाली पड़े प्लॉटों की जानकारी एलडीए के बाबुओं ने दी थी। ऐसे में यह पता लगाया जा रहा है कि बाबुओं को आरोपी कितना कमीशन देते थे। डिप्टी एसपी ने बताया कि गिरोह में शामिल सुनील मिश्रा और सिंकू की तलाश की जा रही है। आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई है। दोनों के पकड़े जाने के बाद अन्य लोगों की भूमिका उजागर होगी। इसके बाद एलडीए के संलिप्त कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि एसटीएफ की पड़ताल में कई बाबुओं पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
दो साल में 48 मुकदमे, एलडीए मेहरबान

जालसाजी कर एलडीए के प्लॉट बेचने का यह कोई पहला मामला नहीं है। वर्ष 2020 से 2022 के बीच कुल 48 मुकदमे लोगों ने दर्ज कराए थे। एलडीए के अफसरों को इस संबंध में अवगत भी कराया गया था। यही नहीं, पत्राचार कर संदिग्ध कर्मचारियों की सूची भी मांगी गई थी। हर बार एलडीए के अफसर टालमटोल करते गए। अपने चहेतों को बचाने के लिए अधिकारी अड़े रहे। यही वजह है कि भ्रष्टाचार कम नहीं हुआ और ठगों ने करोड़ों रुपये पार कर दिए।
विज्ञापन

विवेचना में पुलिस भी सुस्त

फर्जीवाड़े के इस गंभीर मामले में पुलिस की विवेचना भी सुस्त रही। सबसे ज्यादा मुकदमे गोमतीनगर थाने में ही दर्ज कराए गए। इसके अलावा ठाकुरगंज, सरोजनीनगर, बाजारखाला, मड़ियांव थाने में भी दर्ज हैं। विवेचना में पुलिस की ढिलाई के कारण ठगों का मनोबल बढ़ता गया सैकड़ों प्लॉट या तो बेच दिए गए या फिर उनकी खरीद फरोख्त का प्रयास किया गया।

परिवहन आयुक्त के प्लॉट पर किया था कब्जे का प्रयास

गिरफ्तार किए गए गिरोह ने परिवहन आयुक्त बीएन सिंह के प्लॉट पर भी कब्ज कर उसे बेचने का प्रयास किया था। जानकारी होने पर परिवहन आयुक्त ने सपा नेता उदयवीर सिंह समेत चार लोगों के खिलाफ गोमतीनगर थाने में केस दर्ज कराया था। इस मामले में आरोपी धनंजय सिंह को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था, जबकि अविनाश सिंह सिंकू की तलाश जा रही है। इस मामले में एक अन्य आरोपी फैजाबाद निवासी शक्ति सिंह भी नामजद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें