लखनऊ। ब्रेन स्ट्रोक दुनियाभर में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण बन चुका है। इसलिए इसके शुरुआती लक्षण पहचानने जरूरी हैं। कानपुर रोड स्थित निजी अस्पताल में ब्रेन स्ट्रोक जागरूकता पर हुए कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने ये बातें कहीं।
डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि अगर मरीज स्ट्रोक आने के चार घंटे के भीतर अस्पताल पहुंच जाए, तो पूरी तरह से रिकवरी संभव हो सकती है। डॉ. देवांश मिश्रा ने कहा कि लोग स्ट्रोक के शुरुआती संकेत जैसे आवाज में लड़खड़ाहट, एक तरफ कमजोरी या चेहरे का टेढ़ा होना, जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करते हैं। इन लक्षणों पर ध्यान दिया जाए तो काफी लोगों की जान बचाई जा सकती है। डॉ. मयंक सोमानी ने कहा कि लोगों को लक्षण पहचानकर उस अस्पताल पहुंचना चाहिए, जहां न्यूरो के विशेषज्ञ हों।