चिकित्सा विश्वविद्यालय की तरह राजकीय मेडिकल कॉलेजों के शिक्षक भी अब 65 साल में रिटायर होंगे। अभी तक इनकी सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष थी।
कैबिनेट ने चिकित्सा शिक्षा के इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती की अधिकतम उम्र सीमा भी खत्म कर दी गई है।
फिलहाल प्रदेश के 11 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई हो रही है। इनमें करीब 1500 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें शिक्षकों की कुल संख्या एक हजार के आस-पास ही है।
वहीं किंग जॉर्ज चिकित्सा विवि, डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ और उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान सैफई इटावा में चिकित्सा शिक्षकों की रिटायरमेंट की उम्र पहले से ही 65 वर्ष है।