प्रो. सुरेश कुमार
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एमडीआर टीबी के मरीजों को ज्यादा खतरा
प्रो. सुरेश कुमार ने बताया कि प्लूरल एम्पायमा की प्रमुख वजह निमोनिया है, टीबी दूसरे नंबर पर है। इसके अलावा फेफड़े में चोट लगने पर संक्रमण होने से भी होता है। तीनों तरह से प्लूरल एम्पायमा में अलग-अलग इलाज किया जाता है। मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) टीबी वाले मरीजों को एम्पायमा का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में टीबी की दवाओं के साथ ही एम्पायमा की दवाएं भी जोड़ दी जाती हैं। गंभीर मरीजों की सर्जरी होती है। शुरुआती दौर में इसका इलाज जिला अस्पताल और टीबी अस्पताल में हो सकता है, लेकिन गंभीर मरीजों को केजीएमयू रेफर किया जाता है। टीबी के साथ एम्पायमा हो गया है तो स्थिति गंभीर है। ऐसे में हाई प्रोटीन डाइट लेने की जरूरत होती है। सब्जी, दालें, सलाद, फलाहार, दूध और इससे बनी चीजें, अंडे, मांस का भरपूर सेवन करना होता है।