लखनऊ। आगरा के अरशद ने पिता बदर के साथ मिलकर नाका के होटल में मां और चार बहनों की हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस आरोपी बदर को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
पुलिस रविवार को आगरा से अरशद के दो पड़ोसियों समेत चार लोगों को लखनऊ लेकर आई थी। सोमवार को सभी से पूछताछ की गई। पूछताछ में चारों ने कई अहम जानकारियां दी हैं। इसके आधार पर पुलिस की चार टीमें आगरा, कानपुर, फिरोजाबाद और दिल्ली रवाना की गई हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बदर की जमीन का आधा हिस्सा खरीदने वाले अलीम, पड़ोसी आफताब और जितेंद्र व उसके पिता से पूछताछ की। सभी ने अलग-अलग जानकारी दी है। बदर कहां जा सकता है, उसकी कौन लोग मदद कर सकते हैं। इसके बारे में पुलिस को बताया गया है। हालांकि, सोमवार रात तक पुलिस को बदर की लोकेशन के बारे में पता नहीं चल सका।
पुलिस अफसरों का कहना है कि पूछताछ के बाद सभी को वापस आगरा भेज दिया जाएगा। अरशद के बनाए गए वीडियो के बारे में भी लोगों से पूछताछ की गई है। 18 दिसंबर को जितेंद्र अरशद के घर पर गया था। हालांकि मारपीट जैसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है। छानबीन में सामने आया है कि हत्या के बाद बदर ने पड़ोसी को फोन किया था।
बदर को सिर्फ लोकाे पुलिस चौकी के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में देखा गया है। चारबाग और आसपास के कैमरे खंगाल रही पुलिस को किसी दूसरे कैमरे में बदर नहीं दिखा है। ऐसे में माना जा रहा है कि बदर पैदल जाने के बजाए ऑटो या टेंपो से शहर से बाहर निकला था। पुलिस बदर के परिजनों पर नजर बनाए हुए है।
ये है मामला
आगरा निवासी अरशद ने पिता के साथ मिलकर मां अस्मा (49), बहनें अल्शिया (19), रहमीन (18), अक्सा (16) और आलिया (9 ) की चारबाग के होटल में हत्या कर दी थी। आरोपी 30 दिसंबर को लखनऊ आए थे। दो दिन के लिए होटल का कमरा बुक कराया था। 31 दिसंबर की रात में दोनों ने सामूहिक हत्याकांड को अंजाम दिया था। अरशद ने इस दौरान वीडियो भी बनाया था। वारदात के बाद अरशद ने सरेंडर कर दिया था, जबकि बदर भाग निकला था।