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UP Cabinet Decisions : मुंडेरा नगर पंचायत का नाम अब चौरी-चौरा नगर पंचायत हुआ, सेमी कंडक्टर नीति 2024 को मंजूरी

Fri, 19 Jan 2024 01:01 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

विकास प्राधिकरणों के अंतर्गत आने वाली कृषि भूमि का भू उपयोग औद्योगिक कराने में एमएसएमई इकाइयों व प्लेज पार्कों को परिवर्तन शुल्क से मुक्त कर दिया गया है। कैबिनेट ने उप्र अग्निशमन तथा आपात सेवा अधिनियम-2022 की नियमावली को लागू करने की मंजूरी प्रदान कर दी। 
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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गोरखपुर जिले की मुंडेरा नगर पंचायत का नाम अब चौरी-चौरा नगर पंचायत होगा। कैबिनेट की बैठक में नगर पंचायत का नाम परिवर्तन करने की मंजूरी दी गई। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि 2022 में चौरी चौरा कांड के 100 वर्ष पूर्ण होने पर सरकार ने चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव मनाया था। गोरखपुर के जिलाधिकारी के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार की ओर से केंद्र सरकार को नगर पंचायत का नाम बदलने की मंजूरी देने का आग्रह किया गया था। केंद्र सरकार की एनओसी मिलने के बाद कैबिनेट ने मुंडेरा नगर पंचायत का नाम बदलकर चौरी-चौरा नगर पंचायत करने की मंजूरी दी है।

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कृषि से भू उपयोग औद्योगिक कराने पर परिवर्तन शुल्क खत्म
प्रदेश के औद्योगिक विकास में तेजी लाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। विकास प्राधिकरणों के अंतर्गत आने वाली कृषि भूमि का भू उपयोग औद्योगिक कराने में एमएसएमई इकाइयों व प्लेज पार्कों (निजी एमएसएमई पार्क) को परिवर्तन शुल्क से मुक्त कर दिया गया है। इससे उद्यमियों की बड़ी रकम बचेगी क्योंकि भू उपयोग परिवर्तन के रूप में प्राधिकरण सर्किल रेट का 25 फीसदी से लेकर 50 फीसदी तक शुल्क लेते हैं। गुरुवार को इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

प्रदेश में उद्यमिता, रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई प्रोत्साहन नीति-2017 में नई इकाइयों की स्थापना के लिए प्रावधान किए गए थे, जिसके तहत विकास प्राधिकरणों के अंतर्गत आने वाली कृषि भूमि के भू उपयोग को औद्योगिक में कराने पर परिवर्तन शुल्क में छूट का प्रस्ताव था। एमएसएमई उद्यम प्रोत्साहन नीति-2022 में इस छूट का प्रावधान नहीं था। इस वजह से प्राधिकरण भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क से छूट नहीं दे रहे थे। अब एक फरवरी 2023 से निजी एमएसएमई पार्क को परिवर्तन शुल्क से मुक्त कर दिया गया है। इस छूट में प्लेज पार्क से एमएसएमई इकाइयों को भी शामिल किया गया है।
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इस संबंध में एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि नई नीति में प्रावधान न होने के कारण भारी संख्या में उद्यमी प्रभावित हो रहे थे। बड़ी संख्या में इकाइयां लग नहीं पा रही थीं क्योंकि निवेश राशि का बड़ा हिस्सा परिवर्तन शुल्क में ही जा रहा था। कैबिनेट की मंजूरी के बाद औद्योगिक विकास में अप्रत्याशित तेजी आएगी।

पुलिस के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने पुलिस के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण की प्रशासकीय मंजूरी और वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत लखनऊ में उप्र विशेष सुरक्षा बल मुख्यालय एवं पहली वाहिनी की स्थापना के लिए भवनों का निर्माण होना है। इसके अलावा लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी महिला पुलिस बटालियन के आवासीय एवं अनावासीय भवन निर्मित किए जाएंगे। शामली में पीएसी की नई वाहिनी के भवनों, गोरखपुर में उप्र विशेष सुरक्षा बल की 2वीं वाहिनी के भवनों, गोरखपुर में महिला पीएसी वाहिनी के लिए भवनों के कार्य शामिल हैं। साथ ही, गारेखपुर में पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय की क्षमता को दोगुना करने के लिए नए भवनों के निर्माण का प्रस्ताव भी मंजूर कर लिया गया है। वहीं औरैया, संभल, चंदौली की पुलिस लाइन में भवनों के निर्माण, गौतमबुद्धनगर में 49वीं वाहिनी पीएसी के भवनों का निर्माण कार्य और उन्नाव में राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण महाविद्यालय में आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के मानकों के मुताबिक कराए जाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है।

तीन निजी विवि की स्थापना को मंजूरी

प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालय की स्थापना को बृहस्पतिवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत जेएसएस विश्वविद्यालय नोएडा, सरोज इंटरनेशनल विश्वविद्यालय लखनऊ और शारदा विश्वविद्यालय आगरा की स्थापना को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। प्रस्ताव के अनुसार आवश्यक औपचारिकता पूरी कर प्रायोजक संस्था को विश्वविद्यालय चलाने का प्राधिकार पत्र जारी कर दिया जाएगा। इस तरह प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या 40 हो जाएगी। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इन निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पठन-पाठन व्यवस्था को और गति मिलेगी।

बड़े संस्थानों को रखने होंगे फायर अफसर, इमारत सीज करने का मिला अधिकार
कैबिनेट ने उप्र अग्निशमन तथा आपात सेवा अधिनियम-2022 की नियमावली को लागू करने की मंजूरी प्रदान कर दी। शासन के निर्देश पर गृह सचिव और डीआईजी अग्निशमन सेवा की कमेटी ने नियमावली तैयार की है। नई नियमावली के मुताबिक अग्निशमन सेवा विभाग को अब उप्र अग्निशमन एवं आपात सेवा के नाम से जाना जाएगा। इसमें बड़े संस्थानों में अग्निशमन अधिकारी की तैनाती का नियम बनाया गया है। वहीं, लापरवाही की वजह से आग लगने पर विभाग को इमारत सीज करने का अधिकार भी दिया गया है।

बता दें कि राज्य सरकार ने 13 दिसंबर 2022 को अग्निशमन सेवा का नया अधिनियम बनाया था। इसकी नियमावली तैयार करने के बाद बृहस्पतिवार को कैबिनेट में पेश की गयी। नियमावली के मुताबिक प्रतिष्ठानों आदि में अग्निशमन उपकरणों की आपूर्ति करने वाली एजेंसियों को पहले महानिदेशक अग्निशमन एवं आपात सेवाएं से अनुमति प्राप्त करनी होगी। वहीं हर छह माह में प्रतिष्ठान की ओर से उपकरणों के सही हालत में होने का प्रमाण पत्र देना होगा। नियमावली में असिस्टेंट डीआईजी का नया पद भी सृजित किया गया है। यह डीआईजी रैंक का अफसर होगा। वहीं आईजी रैंक के अफसर को निदेशक अग्निशमन एवं आपात सेवाएं के पद पर तैनात किया जाएगा।

कृषि विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को मिलेगा एरियर

प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों का सातवें वेतनमान का बकाया एरियर का जल्द ही भुगतान होगा। इस संबंध में बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई है। प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों का एक जनवरी 2016 से 31 मार्च 2019 का सातवें वेतनमान का एरियर बकाया है। इनका भुगतान 50 फीसदी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और 50 फीसदी राज्य सरकार से होता है। एरियर के मामले में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का तर्क था कि पहले राज्य सरकार जारी करे। ऐसे में कैबिनेट से यह प्रस्ताव पारित हो गया है कि राज्य सरकार अपने हिस्से का करीब 22 करोड़ भुगतान कर देगी ताकि परिषद से भी भुगतान हासिल किया जा सके। इससे करीब डेढ़ हजार से ज्यादा शिक्षक एवं कमचारियों को फायदा मिलेगा।

22 जनवरी को प्रदेश में मीट और शराब की दुकानें रहेंगी बंद
कैबिनेट ने आगामी 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दृष्टिगत प्रदेश में मीट-मछली और शराब की दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गृह विभाग इसका आदेश जारी करेगा। बता दें कि राज्य सरकार ने 22 जनवरी को प्रदेश में शराब की दुकानों को बंद रखने का निर्णय कुछ दिन पहले लिया था। बृहस्पतिवार को कैबिनेट में मुख्यमंत्री ने मीट-मछली की दुकानों को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
 
अयोध्या एयरपोर्ट के नामकरण को मंजूरी मिली
योगी कैबिनेट ने अयोध्या में नवनिर्मित हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अयोध्या करने की मंजूरी दी है। अयोध्या एयरपोर्ट का नामकरण पहले मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखा गया था। लेकिन 30 दिसंबर को एयरपोर्ट के उद्घाटन से कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने एयरपोर्ट का नाम बदलकर महर्षि वाल्मीकि के नाम पर कर दिया। कैबिनेट ने एयरपोर्ट के नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

पूर्व उप निबंधक सोसाइटी व चिट फंड पर आजीवन एक वेतन वृद्धि की कमी का दंड
फर्म, सोसाइटीज और चिट्स कानपुर के पूर्व उप निबंधक प्रवीण कुमार श्रीवास्तव के विरुद्ध लिए गए सख्त फैसले को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा दी गई सलाह से भिन्न कार्यवाही के तहत अब वह आजीवन समकक्षों से एक वेतन वृद्धि पीछे ही रहेंगे। प्रवीण कुमार श्रीवास्तव वर्तमान में सामूहिक बीमा निदेशालय में उप निदेशक हैं। पूर्व में फर्म, सोसाइटीज कार्यालय में उप निबंधक पद पर रहते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई थी। इसके तहत लोक सेवा आयोग प्रयागराज ने सलाह दी थी कि उनकी एक वेतनवृद्धि रोक दी जाए। शासन ने इसे और सख्त कर दिया है। एक बार वेतन वृद्धि रोकने के बजाय ये आदेश संचयी प्रभाव के साथ लागू होगा। यानी जब-जब वेतन वृद्धि होगी, उनका वेतन अपने समकक्षों से पीछे ही रहेगा।

सेमी कंडक्टर नीति लाने वाला चौथा राज्य बना यूपी, जमीन पर 75 फीसदी सब्सिडी

प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश सेमी कंडक्टर नीति 2024 को मंजूरी दे दी। इसी के साथ उत्तर प्रदेश सेमी कंडक्टर पर नीति लाने वाला चौथा राज्य बन गया है। इससे पहले केवल ओडिशा, गुजरात और तमिलनाडु ने सेमी कंडक्टर को लेकर नीति बनाई है। प्रदेश की सेमी कंडक्टर नीति में तीनों राज्यों के सबसे बेहतर प्रस्तावों के अतिरिक्त कई नए प्रस्ताव भी जोड़कर इसे सर्वश्रेष्ठ नीति बनाया गया है।

सेमी कंडक्टर सेक्टर की अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसकी सालाना ग्रोथ 12 फीसदी से भी ज्यादा है। वर्ष 2022 में सेमीकंडक्टर का वैश्विक बाजार 573 अरब डालर का था, जो वर्ष 2029 तक 1380 अरब डालर होने का अनुमान है। भारत में अगले वर्ष तक सेमीकंडक्टर की मांग 100 अरब डालर पहुंचने की संभावना है। इसकी वजह दुनियाभर में इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों की बढ़ती मांग है। इतने बड़े बाजार के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए योगी सरकार ने ढेरों सौगातें दी हैं। कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि सेमी कंडक्टर क्षेत्र में यूपी को लीडर बनाने के लिए इस नीति को लाया गया है। सेमी कंडक्टर निर्माण इकाई लगाने वाले निवेशकों को केंद्र सरकार ने पहले 80 हजार करोड़ रुपये के फंड का प्रावधान किया है।

सेमी कंडक्टर नीति एक नजर में
-200 एकड़ जमीन लेने पर 75 फीसदी की लैंड सब्सिडी। इसके बाद अतिरिक्त खरीद पर 30 फीसदी की छूट
-200 करोड़ तक निवेश निवेश करने वाली इकाइयों को 5 फीसदी प्रति वर्ष की ब्याज सब्सिडी
-जमीन की खरीद या पट्टे पर स्टांप व निबंधन शुल्क में 100 फीसदी की छूट
-10 वर्ष तक विद्युत शुल्क पर 100 फीसदी की छूट
-दोहरी पावरग्रिड नेटवर्क के तहत एक ग्रिड का खर्च आईटी मंत्रालय देगा और दूसरे का खर्च निवेशक उठाएगा
-कार्यशाला, जागरुकता कार्यक्रमों के लिए पांच साल तक प्रति वर्ष 60 लाख रुपये
-500 छात्रों को 5 साल तक इंटर्नशिप के लिए प्रति छात्र 20 हजार की मदद
-विश्वस्तरीय प्रतिभाओं को लाने के लिए वन टाइम सपोर्ट के रूप में एक करोड़ सालाना मिलेंगे
-अनुसंधान के लिए दस करोड़ रुपये तक की सब्सिडी
-उत्कृष्ठता केंद्र खोलने पर कुल खर्च का 50 फीसदी सब्सिडी
-पेटेंट पंजीकरण शुल्क का 75 फीसदी सब्सिडी,अधिकतम 10 लाख
-श्रमिकों के लिए आवास बनाने पर अधिकतम 10 करोड़ की मदद
-सेमीकंडक्टर उद्योग का आवश्यक सेवाप्रदाता के रूप में वर्गीकरण होगा
-चौबीस घंटे पानी और एसटीपी की सुविधा दी जाएगी
-नवीनीकृत ऊर्जा के लिए पावर बैकिंग की सुविधा
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अयोध्या में गृह विभाग को दी जाएगी माध्यमिक शिक्षा विभाग की जमीन

अयोध्या में माध्यमिक शिक्षा विभाग की 18.08 एकड़ भूमि गृह विभाग को निशुल्क दी जाएगी। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। प्रस्ताव के मुताबिक श्री राम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र की सुरक्षा में तैनात उप्र विशेष सुरक्षा बल और पीएसी के जवानों के लिए भवन बनाए जाएंगे।
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