प्रदेश सरकार ने कोविड-19 महामारी जैसी विकट परिस्थिति में भी अपने कर्मचारियों को वेतन, भत्ता, मानदेय व पेंशन का भुगतान नियमित तरीके से जारी रखने का फैसला किया है। हालांकि पहले से किसी भी तरह के बकाये के एरियर का भुगतान 30 जून के बाद ही किया जाएगा।
अपर मुख्य सचिव वित संजीव मित्तल ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेश में विधायकों व मंत्रियों के वेतन से कटौती के फैसले के बाद कर्मचारियों के वेतन-भते में कटौती की अटकलें शुरू हो गई थीं। कई मंत्रियों ने इस तरह का सुझाव भी दिया था। लेकिन, सरकार ने अन्य खर्चों पर नियंत्रण की पहल करते हुए कर्मचारियों के वेतन, भत्ते व अन्य नियमित भुगतान जारी रखने का फैसला किया।
अपर मुख्य सचिव वित ने बताया कि लॉकडाउन होने के कारण प्रदेश के राजस्व में कमी आई है। महामारी की रोकथाम व अन्य आवश्यक कार्यों के लिए संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में कैश मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी राज्य कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, मानदेय, पेंशन व अन्य वचनबद्ध भुगतान नियमित रूप से दिए जाते रहेंगे। इसी तरह होमगार्ड, प्रादेशिक रक्षा दल, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं के मानदेय का भुगतान भी नियमित रूप से किया जाता रहेगा।