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कैबिनेट के फैसले: 30 हजार बीपीएड डिग्रीधारकों की होगी भर्ती

Fri, 09 Sep 2016 07:09 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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प्रदेश सरकार सूबे के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अंशकालिक शारीरिक प्रशिक्षक एवं खेलकूद अनुदेशक की तैनाती करेगी। लगभग 30 हजार बीपीएड डिग्रीधारकों को संविदा पर खेलकूद अनुदेशक पद पर रखा जाएगा। बृहस्पतिवार को सीएम अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
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बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को बताया कि बीपीएड डिग्रीधारी काफी समय से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार ने सरकारी स्कूलों में लगभग 30 हजार बीपीएड डिग्रीधारकों को मानदेय पर प्रशिक्षक व अनुदेशक के रूप में नियुक्त करने का फैसला किया है।

कैबिनेट के फैसले के अनुसार प्रदेश सरकार अंशकालिक शारीरिक प्रशिक्षक एवं खेलकूद अनुदेशकों को सात हजार रुपये प्रति माह मानदेय देगी।

सप्ताह में तीन दिन कराना होगा खेलकूद

इन्हें सप्ताह में तीन दिन लंच के बाद विद्यालयों में बच्चों की आयु के अनुरूप विभिन्न प्रकार के खेलकूद कराने होंगे। इन्हें बच्चों को इस तरह सिखाना होगा ताकि उनमें खेल के प्रति रुचि एवं खेल भावना विकसित हो सके।

अंशकालिक शारीरिक प्रशिक्षक एवं खेलकूद अनुदेशक के चयन एवं नियुक्ति के लिए समयबद्ध ऑनलाइन प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी। चयन/नियुक्ति के लिए डीएम की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। इसमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सदस्य सचिव होंगे।

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य के अलावा जिला मुख्यालय पर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के वरिष्ठतम प्रधानाचार्य एवं जिला क्रीड़ा अधिकारी सदस्य नामित किए गए हैं।

एलएमआरसी कराएगा कानपुर मेट्रो रेल परियोजना का कार्य

कानपुर मेट्रो रेल परियोजना को केंद्र की मंजूरी नहीं मिलने के  कारण ‘कानपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन’ का गठन नहीं हो पा रहा है। इसलिए फिलहाल परियोजना से संबंधित कार्यों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी  लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एलएमआरसी) को सौंपने का फैसला किया गया है।

इस संबंध में आवास विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। बता दें कि राज्य सरकार ने कानपुर मेट्रो रेल परियोजना की डीपीआर का अनुमोदन कर मंजूरी के लिए केंद्र को भेज दिया है, लेकिन इस पर अब कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

इस वजह से कानपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (केएमआरसी) का गठन नहीं हो पाया है। ऐसे में परियोजना संबंधी प्रारंभिक कार्य जैसे कॉरिडोर-1 में डिपो के लिए चयनित भूमि का विकास और बाउंड्रीवाल आदि के लिए निविदा भी नहीं आमंत्रित हो पा रही है।

इसके चलते सरकार ने तय किया है कि जब तक केएमआरसी का गठन नहीं हो जाता है, तब तक प्रारंभिक कार्यों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी एलएमआरसी निभाएगा।

विधवा पेंशन अब 300 के बजाय 500 रुपये

प्रदेश सरकार ने विधवा पेंशन की राशि 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दी है। बृहस्पतिवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे सूबे में करीब 23 लाख महिलाओं को फायदा होगा। पेंशन की रकम बढ़ाने से प्रदेश सरकार पर लगभग 424 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा।

प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2016-17 में इस योजना के तहत 22 लाख 84 हजार 253 लाभार्थियों का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया है। इनकी पेंशन पर 1,062 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

यह पेंशन उन गरीब महिलाओं को दी जाती है जिनके पति की मृत्यु हो जाती है। शुरुआत में महिला कल्याण विभाग ने विधवा पेंशन दोगुनी करने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन वित्त विभाग की आपत्ति के बाद इसे 500 रुपये महीना कर दिया गया। समाजवादी पेंशन के बराबर ही इस पेंशन में भी महिलाओं को पैसा दिया जाएगा।

बस्ती बना सूबे का 28वां विकास प्राधिकरण

सरकार ने बस्ती को प्रदेश का 28 का विकास प्राधिकरण बनाने का फैसला किया है। इस संबंध में आवास व शहरी नियोजन विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। अब इसके बाद, विकास क्षेत्र का निर्धारण किया जाएगा।

मंडल मुख्यालय बनने के बाद से ही बस्ती की आबादी में काफी इजाफा हो गया था और वहां की अवस्थापना सुविधाएं बदहाल हो गई थीं। इसके चलते शहर के सुनियोजित विकास की जरूरत को ध्यान में रखते हुए  मुख्यमंत्री ने कुछ दिन पहले ही बस्ती को विकास प्राधिकरण बनाने की घोषणा की थी।

इसके मद्देनजर अब बृहस्पतिवार को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। बस्ती के मंडलायुक्त प्राधिकरण के पदेन अध्यक्ष होंगे। प्रस्ताव के मुताबिक इस नए विकास प्राधिकरण क्षेत्र में नगर पालिका परिषद क्षेत्र के अलावा सदर तहसील क्षेत्र में आने वाले 217 राजस्व गांवों को भी शामिल किया जाएगा। इससे पहले प्रदेश में 27 विकास प्राधिकरण और पांच विशेष विकास प्राधिकरण थे।

आजम के ट्रस्ट को मिली एक और सरकारी जमीन

आजम खां - फोटो : amar ujala
सूबे की सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण और वक्फ  मंत्री मो. आजम खां के ट्रस्ट को एक और सरकारी जमीन दे दी है। इसे  आजम के ट्रस्ट मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को पब्लिक स्कूल खोलने के लिए मुफ्त दिया गया है।

राजकीय ओरिएंटल कॉलेज (मदरसा आलिया) रामपुर की भूमि और भवन पर रामपुर पब्लिक स्कूल की शाखा खोली जाएगी। अखिलेश यादव की कैबिनेट ने बृहस्पतिवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

यह जमीन मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को 90 साल की लीज पर दी जाएगी। पहले यह भूमि 30 वर्ष के पट्टे पर निशुल्क दी जाएगी। इसका 30-30 वर्ष के लिए नवीनीकरण कराना होगा। भूमि का स्वामित्व लोक निर्माण विभाग के पास बना रहेगा।

पट्टेदार को लोन लेने  के लिए भूमि को किसी राष्ट्रीयकृत बैंक व वित्तीय संस्था में बंधक रखने से पहले शासन से लिखित अनुमति लेनी होगी। भूमि का उपयोग आवंटन तिथि से तीन वर्ष की अवधि में पूर्ण करना अनिवार्य होगा। अन्यथा आवंटन पूर्ण निरस्त समझा जाएगा।

शहीद सैनिकों के आश्रितों को भी स्टांप शुल्क से छूट

चुनावी साल में राज्य सरकार ने पूर्व सैनिकों के साथ-साथ शहीद सैनिकों के आश्रितों को भी संपत्ति खरीदने पर स्टांप शुल्क से छूट देने का फैसला किया है। स्टांप एवं पंजीयन विभाग की ओर से इस संबंध में तैयार किए गए प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी।

अब सेना, अर्धसैनिक बल और केंद्रीय सशस्त्र बल के शहीदों के आश्रितों को भी इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। उन्हें संपत्ति खरीदने पर स्टांप शुल्क में सिर्फ एक बार ही छूट का लाभ दिया जाएगा।

अभी सिर्फ 200 वर्गमीटर तक का प्लॉट खरीदने पर ही स्टांप शुल्क में छूट का प्रावधान है। फ्लैट या बना-बनाया मकान खरीदने पर यह छूट नहीं मिलती है। नए प्रस्ताव के अनुसार 20 लाख रुपये तक के प्लॉट के साथ ही फ्लैट व निर्मित मकान की खरीद पर भी स्टांप शुल्क में छूट का लाभ मिल सकेगा।

25 लाख तक के स्टांप वाद की सुनवाई कर सकेंगे उपायुक्त
सरकार ने उपायुक्त स्टांप को अब 25 लाख तक के वाद की सुनवाई करने का अधिकार दे दिया है। अब तक उपायुक्त को 10 लाख रुपये तक के स्टांप शुल्क से संबंधित वाद की सुनवाई का अधिकार था। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विस के लिए नए रूल्स को मंजूरी

कैबिनेट ने यूपी इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विस डिलीवरी) रूल्स-2016 को जारी करने की अनुमति दे दी है। प्रदेश में अभी तक इलेक्ट्रॉनिक्स सेवाओं को यूपी इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विस डिलीवरी) रूल्स-2012 के मॉडल से प्रदान किया जा रहा है।

इसमें कुछ संशोधन करके नए रूल्स बनाए गए हैं। अब इनके आधार पर ही सेवाएं मिलेंगी। इससे सार्वजनिक सेवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स मॉडल से त्वरित गति से प्रदान करने तथा राज्य में विधिक तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

डायल-100 में पुलिस बल तैनाती के नियम शिथिल
अखिलेश यादव की कैबिनेट ने डायल-100 परियोजना में नियुक्त किए जाने वाले पुलिस कर्मियों की तैनाती के नियमों को शिथिल कर दिया है। इसके तहत, अराजपत्रित कर्मियों को उनके गृह जनपद के समीपवर्ती जिले में स्थानांतरित किया जा सकेगा। उनका कार्यकाल कम से कम दो वर्ष तथा अधिकतम तीन वर्ष होगा। इसके लिए कैबिनेट ने 11 जुलाई-1986 के आदेश में संशोधन किया है।

आगरा के आंगनबाड़ी केंद्रों में अब अक्षय पात्र खिलाएगा खाना
आगरा की आंगनबाड़ी केंद्रों में अब अक्षयपात्र फाउंडेशन (मथुरा) खाना परोसेगा। अखिलेश यादव की कैबिनेट ने इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत आगरा की बाल विकास  परियोजनाओं के साथ ही अन्य परियोजनाओं में भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर भविष्य में हाट कुक्ड फूड वितरण की अनुमति के साथ संस्था के बिलों के भुगतान के लिए डीएम आगरा को अधिकृत किया गया है। फाउंडेशन के कार्य में दिक्कत आने पर मुख्यमंत्री निर्णय लेंगे।
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जौनपुर में बनेगा 400 केवी उपकेंद्र, सुधरेगी पूर्वांचल की आपूर्ति

जौनपुर और आसपास के जिलों में बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए सरकार ने जौनपुर में 400 केवी क्षमता का उपकेंद्र व उससे संबंधित लाइनें बनवाने का फैसला किया है।

नए उपकेंद्र व लाइनों के निर्माण को बृहस्पतिवार को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बताया कि जौनपुर में 400 केवी के नए उपकेंद्र के निर्माण से पूर्वांचल में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा।

उपकेंद्र व लाइनों के निर्माण पर 451.77 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके  लिए 30 प्रतिशत शासकीय अंशपूंजी यानी 135.53 करोड़ रुपये राज्य सरकार देगी जबकि शेष 70 फीसदी धनराशि वित्तीय संस्थाओं से ऋण के रूप में ली जाएगी।
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