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तीन गुना बढ़ा सीएम अखिलेश का वेतन, जानें- कितनी मिलेगी सैलरी

Fri, 19 Aug 2016 11:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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सरकार ने मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्रियों के वेतन में तीन गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी है। मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्रियों का वेतन अब 12 हजार रुपये से बढ़कर 40 हजार रुपये प्रतिमाह हो जाएगा।
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राज्यमंत्रियों के वेतन में भी इजाफा किया गया है। उनका वेतन अब 10 हजार से बढ़कर 35 हजार रुपये प्रतिमाह हो जाएगा।

मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री व राज्यमंत्रियों को विधायक के रूप में मिलने वाले भत्ते अलग हैं। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री व राज्यमंत्रियों के वेतन में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। सूत्रों के अनुसार 1981 से मुख्यमंत्री के  वेतन में वृद्धि नहीं की गई थी।

कुल भत्ता को मिलाकर बनता है लगभग एक लाख

मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्रियों को अभी 12 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है। विधायक के रूप में मिलने वाले भत्तों को जोड़कर मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्रियों का वेतन लगभग 1,01,008 रुपये बनता है।

सदन चलने के दौरान भत्तों में थोड़ा-बहुत इजाफा होने पर वेतन भी बढ़ जाता है। सामान्य दिनों में विधायकों को 800 रुपये दैनिक भत्ता मिलता है जबकि विधानमंडल सत्र चलने के दौरान 1000 रुपये प्रतिदिन भत्ता मिलता है।

बतौर विधायक मिलने वाले भत्तों और वेतन को मिलाकर मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्रियों का वेतन अब लगभग 1.29 लाख रुपये तथा राज्यमंत्रियों का वेतन 1.26 लाख रुपये हो जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले बचाने को बनेगा कानून

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छह पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगलों को बचाने की राज्य सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। कानून बनाकर पूर्व सीएम को ताउम्र सरकारी आवास में रहने की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए तैयार विधेयक के मसौदे को बुधवार को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई।

सुप्रीम कोर्ट ने एक अगस्त को लोक प्रहरी की याचिका पर प्रदेश के छह मुख्यमंत्रियों को दो माह में सरकारी बंगले खाली करने का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत ने प्रदेश सरकार की उस नियमावली को ही अवैध ठहराते हुए खारिज कर दिया था जिसके तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास आवंटित किए गए थे।

फैसले की प्रति मिलने के बाद से इसको लेकर शीर्ष स्तर पर मंथन चल रहा था। सरकार के सामने पूर्व सीएम के बंगले बचाने के लिए दो विकल्प थे- रिव्यू पिटीशन दाखिल करना या एक्ट बनाकर आवास आवंटन को कानूनी जामा पहनाना।

रिव्यू पिटीशन दाखिल करने में जोखिम था कि सर्वोच्च अदालत इसे स्वीकार करेगी या नहीं। स्वीकार करेगी भी तो कोई राहत देगी या नहीं। इसलिए, विधेयक लाकर पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास आवंटन के लिए एक्ट बनाने के विकल्प को सही माना गया।

इस तरह इसे किया गया तैयार

- फोटो : amar ujala
कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश मंत्री (वेतन, भत्ता और प्रकीर्ण उपबंध) (संशोधन) विधेयक 2016 को मंजूरी दे दी गई। इसे 1981 के मूल अधिनियम में संशोधन करके तैयार किया गया है। 22 अगस्त से प्रस्तावित विधानमंडल के सत्र में इस विधेयक के पारित होने पर पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवासों को कानूनी दर्जा हासिल हो जाएगा।

इसमें प्रावधान है कि उत्तर प्रदेश के किसी पूर्व मुख्यमंत्री को उनके अनुरोध पर जीवनपर्यंत राज्य संपत्ति विभाग द्वारा निर्धारित मासिक किराये पर सरकारी आवास आवंटित किया जाएगा।

इनके बंगले बचाने की कवायद
कैबिनेट ने इस विधेयक को मंजूरी देकर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, बसपा अध्यक्ष मायावती, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह, मध्य प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव और एनडी तिवारी के बंगले बचाने की कवायद की गई है। इनमें मुलायम सिंह विक्रमादित्य मार्ग, राजनाथ सिंह कालिदास मार्ग और अन्य पूर्व मुख्यमंत्री माल एवेन्यू के बंगलों में रहते हैं।

ट्रस्टों, संस्थाओं को राहत नहीं
विधेयक में पूर्व मुख्यमंत्रियों को जीवनपर्यंत सरकारी आवास की सुविधा का ही उल्लेख है। ट्रस्टों, समितियों व संस्थाओं को राहत नहीं मिलेगी। उन्हें अपने भवन खाली करने होंगे। ऐसे भवनों को चिह्नित करने का काम भी लगभग पूरा हो गया है।

कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को मिलेगा मुफ्त स्कूली बैग

- फोटो : amar ujala
सरकार कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को मुफ्त स्कूली बैग मुहैया कराएगी। कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। स्कूली बैग परिषदीय एवं सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल, सहायता प्राप्त मदरसों, राजकीय इंटर कॉलेजों की जूनियर कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को मिलेगा। इस पर 259 करोड़ रुपये व्यय होंगे।

एक बैग की कीमत लगभग 140 रुपये होगी। सूबे में कक्षा एक से आठ तक 1.85 करोड़ छात्र-छात्राएं हैं। बैग के साथ छात्र-छात्राओं को दो सेट यूनीफॉर्म भी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस योजना से स्कूलों में छात्र-छात्राओं के ड्राप आउट में कमी आई है।

खरीद के लिए टेंडर कमेटी
बैगों की खरीद के लिए बेसिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी का गठन भी किया गया है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद, इलाहाबाद को समिति का सचिव नामित किया गया है। कमेटी में मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण के प्रतिनिधि, राज्य परियोजना निदेशक, सर्व शिक्षा अभियान के प्रतिनिधि, वित्त नियंत्रक बेसिक शिक्षा निदेशालय को समिति का सदस्य बनाया गया है।

बटलर पैलेस कॉलोनी में बहुमंजिला भवन को मंजूरी

राजधानी की राजकीय बटलर पैलेस कॉलोनी में श्रेणी-5 के 48 आवासों का द्वितीय बहुमंजिला भवन बनाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

साथ ही योजना तथा योजना में शामिल की गई अन्य उच्च विशिष्टियों व लागत अंतर के धन 75 लाख 28 हजार रुपये के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत राजकीय बटलर पैलेस कॉलोनी के जीर्ण-शीर्ण आवास ढहाए जाएंगे। इनके स्थान पर 12 मंजिला टावर में आवास बनाए जाएंगे।

जवाहर भवन-इंदिरा भवन परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग
जवाहर भवन और इंदिरा भवन परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। साथ ही निर्माण योजना में शामिल उच्च विशिष्टियों तथा लागत मे आ रहे अंतर की भरपाई के 83.80 लाख रुपये को भी अनुमोदित कर दिया है।

योजना के तहत इन भवनों में काम करने वाले कर्मचारियों के 246 चार पहिया वाहनों को खड़ा कराने के लिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। जिनमें 2 अधोतल, भूतल और चार मंजिला मल्टीलेविल पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा।

तीन नए ट्रांसमिशन उपकेंद्रों के लिए नि:शुल्क जमीन

रामपुर, महाराजगंज व फीरोजाबाद में बिजली व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सरकार ने तीन नए ट्रांसमिशन उपकेंद्र बनवाने का फैसला किया है। इन उपकेंद्रों के लिए यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन को निशुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। रामपुर लालगंज तथा महाराजगंज के नौतनवां में 132 केवी क्षमता का उपकेंद्र तथा फीरोजाबाद के सोफीपुर में 400 केवी क्षमता का उपकेंद्र बनवाया जाएगा।

बस्ती का बनकटी बनेगा नगर पंचायत
आम जनता को शहरी सुविधाएं मुहैया कराने के मकसद से सरकार ने छोटे-छोटे कस्बों को भी निकाय का दर्जा देने का निर्णय लिया है। इसके तहत बस्ती के बनकटी कस्बे को भी नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा। नगर विकास विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। नई नगर पंचायत की सीमा में करीब 17 गांवों को शामिल किया जाएगा।

राज्य भंडारागार स्टाफ नियमावली में संशोधन को मंजूरी

कैबिनेट ने राज्य भंडारागार निगम स्टाफ नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को यहां बुधवार को मंजूरी दे दी है। वर्ष 1994 में निगम के लिए 2,140 कर्मचारियों के पद सुनिश्चित किए गए थे।

मगर, निगम के काम व व्यवसाय में लगभग तीन गुना से अधिक वृद्धि हो गई। इसके मद्देनजर 514 पदों की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही पहले से स्वीकृत पांच पद कम करते हुए पदों की संख्या 2,649 की गई है। इसीलिए नियमावली में संशोधन की जरूरत पड़ी। जिससे नए ढांचे के अनुसार कर्मचारियों के सेवा शर्तें तय की जा सके।

एसजीपीजीआई ले सकेगा 473 करोड़ का ऋण, सरकार ने दी गारंटी
राजधानी के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में नए कार्यों के लिए भारतीय स्टेट बैंक से 473 करोड़ रुपये ऋण लेने का रास्ता साफ हो गया है।

बुधवार को  कैबिनेट ने एसजीपीजीआई द्वारा लिए जाने वाले ऋण के लिए शासकीय गारंटी देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। साथ ही ऋण की अदायगी राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान के माध्यम से शर्तों के अधीन किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई।

इस राशि से संस्थान में इमरजेंसी मेडिसिन, क्लीनिकल एवं वार्ड  एरिया, रोबोटिक सर्जरी, लीवर ट्रांसप्लांट यूनिट में मेडिकल एवं अन्य उपकरण तथा किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर के उच्चीकरण संबंधी काम कराए जाएंगे।

उप्र नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड नियमावली मंजूर

कैबिनेट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड नियमावली-2016 को मंजूरी दे दी। ये नियमावली सूबे के सभी निकायों में लागू की जाएगी।

इसके तहत नगर निकाय क्षेत्रों में संपत्ति कर के निर्धारण के लिए प्रक्रिया तैयार करने के लिए गठित उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड के सचिव पद पर विशेष सचिव के स्तर से ऊपर के अधिकारी ही तैनात हो पाएंगे।

अब तक विशेष सचिवस्तर के अधिकारी को भी इस पद तैनात किया जाता था। बता दें, बोर्ड के संचालन के लिए अब तक नियमावली नहीं बन पाई थी। जिससे कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

इस नियमावली में बोर्ड के सचिव की नियुक्ति व हटाने, अध्यक्ष एवं सदस्य की सेवा शर्तें, वेतन और भत्ते का निर्धारण, सचिव एवं अन्य कार्मिकों के वेतन और भत्ते, बोर्ड के सचिव की शक्तियों का निर्धारण और कर्तव्य, भूमि या भवन के वितरण का प्रकरण, अपराधों के शमन की व्यवस्था, भूमि और भवनों का पूर्ण या आंशिक रूप से मूल्यांकन से संबंधित प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है।
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मनोरंजन कर निरीक्षकों का होगा अब एक ग्रेड

- फोटो : amar ujala
मनोरंजन कर विभाग के कर निरीक्षकों का अब एक ही ग्रेड होगा। इसके लिए कैबिनेट ने ‘उप्र आमोद और पणकर निरीक्षक सेवा नियमावली’ में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

पहले निरीक्षक संवर्ग में ग्रेड-1 व 2  के पद थे, जिसे 2010 में समाप्त कर एक पद कर दिया गया था। हालांकि इससे संबंधित नियमावली में संशोधन नहीं किए जाने से मनोरंजन कर निरीक्षकों को सेवा संबंधी प्रकरणों में दिक्कत आ रही थी। इसलिए सेवा नियमावली में संशोधन किया गया है।
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