घने कोहरे से भले ही सोमवार को कुछ राहत मिली हो, लेकिन फ्लाइट व रेल सेवाएं बेपटरी ही रहीं। दो फ्लाइटें निरस्त रहीं। कई उड़ानें लेटलतीफी का शिकार हुईं। देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस के यात्रियों को नई दिल्ली से लखनऊ तक पहुंचने में 16 घंटे लग गए। ट्रेन रात 10ः05 बजे लखनऊ जंक्शन पहुंचती है। लेकिन यह लेट होकर सुबह करीब आठ बजे पहुंची। पूरी रात यात्रियों को सीटों पर बैठकर गुजारनी पड़ी।
बीते रविवार को नई दिल्ली से दोपहर 3:30 बजे चलने वाली तेजस एक्सप्रेस रात साढ़े नौ बजे रवाना हुई, जिससे ट्रेन 16 घंटे में सुबह करीब आठ बजे लखनऊ पहुंची। वापसी में लखनऊ से सुबह 6:10 बजे की जगह तेजस दोपहर 2:34 बजे रवाना हुई। ऐसे ही गोमती एक्सप्रेस सुबह पौने छह बजे राइटटाइम रवाना हुई। लेकिन दिल्ली पहुंचने तक ट्रेन छह घंटे लेट हो गई।
नई दिल्ली से आने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस आठ घंटे बाद दोपहर 1:04 बजे पहुंची। 02569 दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल दिल्ली पहुंचने तक 11:36 घंटे लेट हो गई। 02563 बरौनी नई दिल्ली स्पेशल 13 घंटे, वैशाली एक्सप्रेस तीन घंटे, कैफियात दो घंटे, चंडीगढ़-लखनऊ जंक्शन दो घंटे, पदमावत चार घंटे, दून एक्सप्रेस ढाई घंटे, कोटा-पटना एक्सप्रेस 3:30 घंटे, मरुधर एक्सप्रेस चार घंटे लेट हो गई।