फेसबुक से करोड़ों लोगों से जुड़ी जानकारियां लीक होने की खबरों ने साइबर विशेषज्ञों की भी चिंता बढ़ा दी है।
उनका कहना है कि डेटा लीक हुआ है तो आने वाले वक्त में साइबर अपराधों में बहुत ज्यादा तेजी आने वाली है।
कॉरपोरेट ब्लैकमेलिंग बढ़ेगी, फर्जी कंपनियां खोलकर ठगा जाएगा, फोटो का इस्तेमाल गलत तरीके से करके फिरौती की मांग समेत कई तरह के अपराधों में तेजी आएगी। इसलिए अकाउंट का पासवर्ड तत्काल बदलें और टू फैक्टर वेरिफिकेशन को सक्रिय कर लें।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर कदम फूंक-फूंक कर रखने की जरूरत है। कुछ दिन पहले मोबिविक से डेटा लीक होने का मामला आया था।
यानी आधार व पैन कार्ड की डिटेल पहले ही जा चुकी है, अब फेसबुक से डिटेल का जाना एक बड़े साइबर खतरे की चेतावनी है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि ईमेल और मोबाइल नंबर को बदला नहीं जा सकता, न इसकी सलाह दी जा सकती है, क्योंकि ये इतनी जल्दी संभव नहीं है। इसलिए बचने का तरीका यही है कि हम कुछ बातों को ध्यान में रखें।
फिशिंग अटैक अब बढ़ेंगे, सिर्फ सतर्कता ही बचाव
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट अमित दुबे कहते हैं कि सबसे पहले आप अपना पासवर्ड बदल लें और अपने अकाउंट पर टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन इनेबल कर लें। अब ये जान लीजिए कि फेसबुक इस्तेमाल करने वाले हर व्यक्ति की जानकारी साइबर अपराधी के पास है। ई-मेल आईडी, बर्थडे डिटेल, मोबाइल नंबर, लोकेशन और फोटो का इस्तेमाल करके लोगों पर फिशिंग अटैक बढ़ेंगे। दरअसल ये वो जानकारियां है, जो किसी भी बंदे की पहचान का एक बड़ा जरिया हैं। इनका इस्तेमाल एक आम आदमी हर जगह करता है, क्योंकि इन्हें याद रखना आसान है। साइबर अपराधी सबसे पहले इन्हें इस्तेमाल करेंगे।
अजनबी के फोन से रहें सावधान
अमित दुबे कहते हैं कि काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार यानी इन पांच तरीकों से लोगों को फंसाने की कोशिश की जाएगी। अजनबी के फोन पर पलभर के लिए भी यकीन न करें। आपके पास फोन आएगा, आपको आपकी हर बात बता कर आपका विश्वास जीतने या आपको फंसाने की कोशिश की जाएगी। भूलकर भी एक एसएमएस न करें, ऐसा करने के बाद आप पूरी तरह से अपराधी के चंगुल में होंगे।
प्राइवेट सेटिंग का पहरा तुरंत कड़ा करें
अपनी पोस्ट, अपने दोस्तों की लिस्ट को तत्काल ओनली फॉर फ्रेंड कर दें। इसका दुरुपयोग और ज्यादा बढ़ेगा। फेसियल रिकग्नेशन फीचर यानी चेहरे को पहचानने वाले फीचर को डिसेब्लड कर दें। ये डेटा लीक आपकी वजह से नहीं हुआ है, इसलिए यूजर्स कुछ कर नहीं सकते हैं, हमें सिर्फ किसी झांसे में नहीं आना है।
मामला संवेदनशील, कड़ी कार्रवाई की जरूरत
साइबर एक्सपर्ट प्रो. त्रिवेणी सिंह कहते हैं कि 2019 का डेटा हो या फिर आज का, लीक होना संवेदनशील मसला है। इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जरूरत है। लेकिन हमें सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर खुद को शिक्षित करने की जरूरत है।
एक नजर में
यूपी में इंटरनेट यूजर : 11.60 करोड़
एक दिन में औसत यूज : 6 घंटे