रायबरेली। कोलकाता में ट्रेनी महिला डॉक्टर की क्रूर हत्या के विरोध में एम्स के रेजीडेंट डॉक्टरों के साथ आंदोलन में शुक्रवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) भी कूद पड़ा। आईएमए भवन में बैठक के बाद शनिवार को इमरजेंसी छोड़ सभी स्वास्थ्य सेवाएं ठप रखने की घोषणा की। शुक्रवार को भी एम्स में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। शाम को एम्स के डॉक्टरों ने सुपर मार्केट में नुक्कड़ नाटक करके विरोध जताया।
आईएमए भवन में जिला मीडिया प्रभारी डॉ. संजय रस्तोगी ने कहा कि कोलकाता में जिस तरह एक महिला डॉक्टर के साथ सामूहिक दुराचार के बाद हत्या कर दी गई, उसके विरोध में 17 अगस्त सुबह छह बजे से 18 अगस्त सुबह छह बजे तक प्राइवेट डॉक्टर अपनी सभी सेवाएं बंद रखेंगे। सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही जारी रखी जाएंगी।
अध्यक्ष अतुल अग्रवाल ने बताया कि 24 घंटे के लिए ओपीडी और आईपीडी दोनों ही बंद रहेंगी। दोषियों पर कार्रवाई की जाए। सचिव डॉ. प्रणव सिंह ने बताया कि 24 घंटे सेवाएं ठप करने के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई न हुई तो आंदोलन को बढ़ाया जाएगा।
उधर, एम्स में शुक्रवार को पांचवें दिन भी रेजीडेंट डॉक्टरों का गुस्सा सातवें आसमान पर रहा। दिनभर धरने पर बैठे रहे। नुक्कड़ नाटक, कविता पाठ के माध्यम से क्रूर घटनाओं का विरोध किया। शाम को सुपर मार्केट पहुंचकर नुक्कड़ नाटक करके घटना का विरोध किया।
डॉक्टरों ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। हड़ताल के कारण एम्स में पांचवें दिन भी स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी रहीं। धरने में डॉ. तरुण छाबरा, डॉ. अंशुल सिंघल, डॉ. धीरज मीना, डॉ. आदर्श पांडेय, डॉ. परीक्षित, डॉ.अनमोल, डॉ. फैजान, डॉ. अपराजिता, डॉ. अदिति व डॉ. अजय गौड़ आदि शामिल रहे।