गोमती नगर विस्तार और आसपास के इलाकों में यदि बाजार भाव से 30 फीसदी कम दाम पर प्लॉट मिलने लगे हों तो सावधान। इन इलाकों में बड़ी-बड़ी हाउसिंग सोसाइटी के नाम पर अवैध कॉलोनियां डवलप हो रही हैं। एलडीए ने अवैध निर्माण की सूची में इन कॉलोनियों को शामिल तो कर लिया है, लेकिन खरीद-फरोख्त और निर्माण जारी है।
हाईकोर्ट को सौंपी गई सूची में छह ऐसी अवैध कॉलोनियों का जिक्र है। इनमें खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की कंपनी द्वारा विकसित की गई कॉलोनी भी शामिल है। ऐसे ही कई रसूखदारों के नाम का झांसा देकर लोगों को सस्ते प्लॉट के चक्कर में फंसाया जा रहा है।
इसके अलावा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, सेना, ग्राम समाज और प्राकृतिक संसाधनों की भूमि का जम कर दुरुपयोग किया जा रहा है। यहां करीब 10 हजार प्लॉट काटे गए हैं, जिन पर बिना मानचित्र पास कराए निर्माण किया जा रहा है। गोमती नगर विस्तार और उसके आसपास के मस्तेमऊ, मल्हौर, भरवारा, भैसोरा, हरिहरपुर, सिकंदरपुर खुद लौलाई, भुजंगी पुरवा और अन्य गांवों की लगभग 300 एकड़ भूमि पर ऐसी कॉलोनियां विकसित की गई हैं।