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आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर करेंगे अखिलेश सरकार में शुरू हुए इन प्रोजेक्ट की जांच

Thu, 23 Nov 2017 12:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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केशव प्रसाद मौर्य
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लोकभवन के निर्माण की थर्ड पार्टी जांच कराए जाने के बावजूद इसकी गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल को शासन से गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन के साथ ही तीन अन्य आवासीय कॉलोनियों में हुए कामों की जांच के भी आदेश दिए हैं। इनका निर्माण राजकीय निर्माण निगम ने कराया है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 709.35 करोड़ रुपये है।
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पिछली अखिलेश यादव सरकार में लोकभवन का निर्माण शुरू हुआ था। एस्टीमेट के अनुसार, इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 601.67 करोड़ रुपये है, जिसमें से 475 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। लोकभवन के निर्माण की थर्ड पार्टी जांच कराने की जिम्मेदारी आईआईटी बीएचयू के सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र कुमार को दी गई थी। राजकीय निर्माण निगम के मुताबिक, अभी तक वे गुणवत्ता की जांच के लिए 10 विजिट कर चुके हैं। निर्माण सामग्री के कई सैंपल भी जांच के लिए बीएचयू भेजे गए थे। 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गुणवत्ता की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में दो सदस्य आईआईटी कानपुर से होंगे, जबकि दो सदस्य इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) लखनऊ के होंगे। यही कमेटी तिलक मार्ग (डालीबाग) में निर्माणाधीन आवासीय कॉलोनी, बटलर पैलेस और दारूलशफा में निर्मित टाइप फाइव आवास की गुणवत्ता की जांच भी करेगी।
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डालीबाग में निर्माणाधीन आवासीय कॉलोनी के लिए 36.21 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिसमें से 27 करोड़ खर्च हो चुके हैं। वहीं, बटलर पैलेस और दारूलशफा में आवासीय कॉलोनी के निर्माण पर क्रमश: 37.47 करोड़ और 34 करोड़ खर्च किए गए हैं। 

योगी सरकार में ही लोकभवन की टेक्निकल ऑडिट सेल (टीएसी) जांच कराई जा चुकी है। इसमें भी गुणवत्ता को लेकर कोई खामी सामने नहीं आई। शासन के सूत्रों का कहना है कि जांच में गुणवत्ता में गंभीर खामियां सामने आएंगी, वहीं राजकीय निर्माण निगम के अफसर गुणवत्ता को लेकर पूरी तरह से मुतमईन हैं।
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