बेटे का कहना है कि कैजुअल्टी में डॉक्टरों से मरीज को देखने को कहा तो वे एंबुबैग दबाने की बात कहकर चले गए। सांसें न चलता देख बेटे ने विरोध जताया। करीब ढाई बजे डॉक्टर ने धनराजा को मृत घोषित किया। बेटे का आरोप है कि मौत के बाद भी डॉक्टर स्ट्रेचर पर मां को लेटाकर एंबुबैग दबवा रहे थे।
केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने ऐसा संभव नहीं है कि मौत बाद भी डॉक्टर तीमारदारों से एंबुबैग से कृत्रिम सांस दिलवाए। शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी।