लखनऊ और फैजाबाद रेंज के 11 जनपदों में तबादलों के बावजूद तीन साल से जमे 2037 पुलिसकर्मियों पर आईजी जोन ए. सतीश गणेश की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने सभी कप्तानों को चौबीस घंटे के भीतर ऐसे पुलिसकर्मियों को रिलीव करने का आदेश दिया है।
आदेश के बाद बृहस्पतिवार शाम से पुलिसकर्मियों की रवानगी शुरू भी हो गई।आईजी ने बताया कि इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही और मिनिस्टीरियल स्टाफ के लोग व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दो से तीन साल पहले तबादला होने के बाद भी जुगाड़ और सिफारिश के बूते अपने-अपने जनपदों में रुके हुए हैं।
इसमें सबसे ज्यादा लखनऊ के हैं। किसी ने परिवार के सदस्य की बीमारी का हवाला दिया है तो कोई पारिवारिक परिस्थितियों की आड़ ले रहा था। ऐसे सभी पुलिसकर्मियों की सूची बनाकर संबंधित जनपदों के पुलिस कप्तानों को चौबीस घंटे के भीतर उनकी रवानगी के आदेश दिए गए हैं। आईजी का कहना है कि अगर चौबीस घंटे के भीतर रवानगी न हुई तो संबंधित कप्तानों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।
तबादले के बावजूद जमे पुलिसकर्मी
इंस्पेक्टर 22
सब इंस्पेक्टर 36
हेड कांस्टेबल 360
कांस्टेबल 1496
मिनिस्टीरियल स्टाफ के इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एएसआई (एल) 58
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 65