लखनऊ। होली के लिए हर्बल गुलाल, पापड़, नमकीन, शहद और अन्य पारंपरिक उत्पाद खरीदने हैं तो खादी भवन, डालीबाग परिसर में लगी सात दिवसीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का रुख करें। 20 से 26 फरवरी तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का उद्घाटन एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने किया।
उन्होंने कहा कि सरकार खादी उत्पादों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के 18 मंडलों में आयोजित प्रदर्शनियों में 1953 स्टॉलों के जरिए 39.49 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई है। वहीं खादी महोत्सव-2025 में 160 से अधिक इकाइयों ने भाग लेते हुए 3.20 करोड़ रुपये की बिक्री की, जो पिछले वर्ष से 42 प्रतिशत अधिक रही।
मंत्री ने कहा कि खादी क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीकों और डिजाइन के साथ खादी उत्पादों को नई पहचान दी जा रही है, जिससे युवाओं के बीच इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे प्रदर्शनी में पहुंचकर अधिक से अधिक खादी उत्पादों की खरीदारी करें, जिससे स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहन मिले।
संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी सिद्धार्थ यादव ने कहा कि खादी बोर्ड की योजनाओं के माध्यम से कम पूंजी निवेश में अधिक रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है, ताकि युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल सके। इस अवसर पर प्रमुख सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग अनिल सागर, मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिशिर, वित्तीय सलाहकार मानवेंद्र सिंह एवं योजनाधिकारी विनोद श्रीवास्तव सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदर्शनी में 40 से अधिक स्टॉल
प्रदर्शनी में 40 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें विभिन्न जनपदों की इकाइयों की ओर से हर्बल गुलाल, पापड़, नमकीन, शहद, आंवला उत्पाद, चादर, गमछे, तौलिये, कुर्ता-पायजामा, रेशमी एवं सिल्क साड़ियां और हस्तशिल्प आधारित वस्त्रों का प्रदर्शन और बिक्री की जा रही है। होली को देखते हुए हर्बल व प्राकृतिक उत्पादों की विशेष मांग देखी जा रही है।