लखनऊ। बच्चे के व्यवहार में बदलाव, गुस्से पर काबू न रहना, मोबाइल पर ज्यादा समय बिताना, पढ़ाई में पिछड़ना, एकांत में रहना और नींद न आना। इन छह लक्षणों को कतई नजरंदाज नहीं करना चाहिए। ये लक्षण मिलते ही बच्चे को तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाना चाहिए। केजीएमयू के बाल और किशोर मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अमित आर्या की सभी अभिभावकों को यह सलाह है।
डॉ. अमित आर्या ने बताया कि मोबाइल गेम और ऑनलाइन जुए की लत किशोर और युवाओं में तेजी से बढ़ रही है। ऑनलाइन और मोबाइल गेमिंग लत के शिकार तीन से चार किशोर और युवा हर ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इसी तरह ओपीडी में आने वाले रोगियों में से कम से कम एक मामला ऑनलाइन जुए का भी होता है। ये सभी भयंकर तनाव और अवसाद में होते हैं। काउंसिलिंग और जरूरत पड़ने पर इन्हें दवाएं दी जाती हैं। ओपीडी में पहुंचने के बाद इन सभी का इलाज संभव है। समस्या यह है कि अभिभावक और घरवाले इनकी समस्याएं पहचान नहीं पाते हैं और कई बार ये आत्महत्या तक पहुंच जाते हैं।
ऑनलाइन जुए में 50 हजार हारकर किशोर ने की आत्महत्या की कोशिश
डॉ. अमित आर्या ने बताया कि बीते दिनों ही 15 वर्षीय एक किशोर ओपीडी में अपने पिता के साथ आया था। पिता का कहना था कि बच्चे ने दो बार आत्महत्या करने की कोशिश की। काउंसिलिंग करने पर उसने बताया कि ऑनलाइन गेम में वह 50 हजार रुपये हार चुका है। इसके लिए अपने रिश्तेदारों से उसने उधार लिया था। कर्ज न चुका पाने से वह अवसाद में था। काउंसिलिंग और इलाज के बाद अब किशोर सामान्य है।
पाबंदी के बावजूद चल रहे जुए वाले गेम
सरकार ने जुए को बढ़ावा देने वाले ऑनलाइन गेम पर पाबंदी लगा दी है, लेकिन अब भी युवाओं को निजी नंबरों पर लिंक भेजकर ये गेम खिलाए जा रहे हैं। इनमें शामिल होने के लिए शर्त होती है कि इनका इस्तेमाल कर रहे किसी व्यक्ति को उसका नाम सुझाना होता है। इस तरह से ऑनलाइन जुए की चेन बढ़ती जाती है।
ऑनलाइन गेम की लत से बचने के उपाय
- स्क्रीन टाइम की सीमा निर्धारित करना।
- बच्चे के साथ बात करें, पूरी पाबंदी के बजाय शुरुआत में कुछ समय के लिए गेम खेलने दें।
- ऐसी गतिविधियां तलाशें जो अपने बच्चे के साथ आप भी कर सकें।
- रात को सोते समय मोबाइल या फिर स्क्रीन वाले अन्य उपकरण उनके पास न रहने दें।
- ऑनलाइन और परंपरागत गेम खेलने के लिए प्रेरित करें
- वाईफाई में सेटिंग करके गेम वाली साइटों को ब्लॉक कर दें।
- बच्चों के साथ समय बिताएं, उनकी बातें सुनने का प्रयास करें।