हेपेटाइटिस संक्रमण के दौरान मरीज को थकान के साथ भूख भी नहीं लगती है। पेट में दर्द और पीलिया सताने लगती है। यूरीन गहरे रंग का हो जाता है। हल्का बुखार और उल्टी महसूस होती है। ये जानकारी बलरामपुर अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. विष्णु कुमार ने दी।
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वह सोमवार को हेपेटाइटिस जागरुकता दिवस पर अस्पताल में हुई कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों में हेपेटाइटिस के कोई लक्षण नहीं होते हैं, जबकि अन्य में लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं।
अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता आर्या ने कहा कि हेपेटाइटिस संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। यह संक्रमित ब्लेड, कैंची, इस्तेमाल किया हआ टूथब्रश, दूषित पानी आदि से फैलता है। इसमें लीवर में सूजन आ जाती है। लंबे समय तक इलाज न मिलने पर लिवर सिरोसिस हो जाता है। यह ऐसा संक्रमण है, जो वर्षों तक बिना लक्षण शरीर में रहकर गंभीर जटिलताएं उत्पन्न कर सकता है।
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अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने कहा कि हेपेटाइटिस से बचाव के लिए डॉक्टर की सलाह पर टीका लगवाएं। इससे काफी हद तक संक्रमण से खुद को बचाया जा सकता है।